बीएचयू का एप बताएगा आपका भूत-भविष्य और वर्तमान, सधेंगे बिगड़े हुए ग्रह और नक्षत्र, आठ विशेषज्ञ ज्योतिषी संभालेंगे जिम्मा
काशी हिंदू विश्वविद्यालय का ज्योतिष विभाग अपनी ओपीडी को डिजिटल कर रहा है, जिसके लिए एक ऐप विकसित किया जा ...और पढ़ें

बीएचयू ज्योतिष विभाग का नया ऐप अब घर बैठे बताएगा आपका भविष्य और सुधारेगा ग्रह-नक्षत्र। (AI Image)
HighLights
बीएचयू ज्योतिष ओपीडी अब डिजिटल ऐप से जुड़ेगी।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और शुल्क भुगतान की सुविधा मिलेगी।
विभिन्न ज्योतिषीय सेवाओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध होगा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। अब ज्योतिषीय परामर्श के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओपीडी में ज्योतिषाचार्यों को फोन कर अप्वाइंटमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होगी। विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ज्योतिष विभाग की ओपीडी को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए विभाग अपना एप विकसित कर रहा है, जिसमें ज्योतिषाचार्यों की विशेषज्ञता, ओपीडी का दिनवार शेड्यूल, उपलब्ध सेवाएं और निर्धारित शुल्क की जानकारी एकत्रित की जाएगी। लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चुनकर ऑनलाइन समय ले सकेंगे और शुल्क जमा कर पंजीकरण करा सकेंगे।
विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि करीब 16 वर्षों से संचालित ओपीडी को अब अस्पताल की तर्ज पर आठ विशेषज्ञ सेवाओं में विभाजित किया गया है। जन्म व वर्ष कुंडली से भविष्य संबंधी परामर्श, मुहूर्त, विवाह-मेलापक, वास्तु मानचित्र, मिट्टी संशोधन, रत्न धारण और कर्मकांड परामर्श के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। संबंधित समस्या के अनुरूप विशेषज्ञ से परामर्श के साथ उपाय और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
ओपीडी की सेवाओं का शुल्क सामान्यजन की पहुंच में रखा गया है। मुहूर्त के लिए 100 रुपये, रत्न धारण और कर्मकांड परामर्श के लिए 250-250 रुपये तथा जन्म व वर्ष कुंडली से भविष्य संबंधी परामर्श के लिए 500 रुपये निर्धारित हैं। मिट्टी संशोधन के लिए 1000 और ज्योतिषाचार्य से वास्तु मानचित्र संशोधन के लिए 11 हजार रुपये शुल्क है।
प्रोफेसर ज्योतिषाचार्य को जिले से बाहर ले जाकर परामर्श लेने का शुल्क 21 हजार रुपये है, जिसमें 50 प्रतिशत दक्षिणा शामिल है, जबकि वाहन व्यय अलग से देना होगा।
शुल्क ऑनलाइन जमा करने के साथ ओपीडी में लगे बार कोड को स्कैन कर भुगतान की सुविधा भी होगी। विभागाध्यक्ष एवं ज्योतिष परामर्श केंद्र के समन्वयक प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के विभाजन से व्यक्ति अपनी समस्या के अनुरूप सीधे संबंधित ज्योतिषाचार्य से परामर्श ले सकेगा।
फालोअप के लिए एक माह के भीतर दोबारा आने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य कम शुल्क में विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने के साथ ज्योतिष विज्ञान की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और आमजन के लिए सुलभ बनाना है।
नई व्यवस्था में सात ज्योतिषाचार्यों के लिए सप्ताह में छह दिन का शेड्यूल तैयार किया गया है। फिलहाल प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से पंजीकरण आरंभ होता है और चार से पांच बजे तक ओपीडी चलती है। प्रतिदिन सीमित संख्या में लोगों को परामर्श दिया जा रहा है।
सोमवार को प्रो. गिरजाशंकर शास्त्री, मंगलवार को प्रो. विनय कुमार पांडेय और डा. रामेश्वर शर्मा, बुधवार को प्रो. रामजीवन मिश्र, गुरुवार को प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी और डा. रामेश्वर शर्मा, शुक्रवार को डा. सुभाष पांडेय, और शनिवार को डा. सुशील गुप्ता विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहेंगे।
