वाराणसी, जेएनएन। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए अब बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन ने बनारसी साड़ी की सभी थोक दुकनें दो दिनों सोमवार एवं मंगलवार को बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारियों का कहना है कि जान बची रहेगी तो कारोबार तो जिंदगीभर कर लेंगे। बनारसी साड़ी कारोबारियों ने इस संबंध में रविवार को टेलीफोनिक बैठक की। इसमें फिलाहाल दो दिनों के लिए बंदी की घोषणा की गई है। इसके साथ ही अगर जरूरत पड़ी तो भविष्य में भी जनहित में इस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।

बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल बताते हैं कि काशी में बनारसी साड़ी कारोबार सबसे अधिक गलियाें में ही है। खासतौर पर रानी कुआं, लक्खी चौतरा, कुंज गली, रेशम कटरा, न्यू मार्केट, नारायण कटरा, ठठेरी बाजार, गोलघर, सोरा कुआं, भाट की गली आदि क्षेत्रों में बनारसी साड़ी की करीब 5000 हजार थोक दुकानें हैं। बताया कि काशी में बनारसी साड़ी का करोबार लगभग 100 करोड़ का है। हम सभी को यह पता है कि बंदी के कारण करोड़ों का नुकसान होगा। बावजूद इसके सभी कारोबारियों ने एक सुन में कहा कि जान बची रहेगी तभी तो कारोबार बढ़ेगा। ऐसे में सबसे पहले जरूरी हैं कि सभी कारोबारी, बुनकर एवं उनके परिजन सुरक्षित रहें। कोरोना की चेन को तोडऩे के लिए बनारसी साड़ी व्यवसाय को की बंदी जरूरी है। गत वर्ष भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन ने बनारसी साड़ी के सभी कारोबार 20 जुलाई से छह अगस्त तक बंद रखने का निर्णय लिया था।

बुनकरों के खाते में डालें पेमेंट

बैठक में साड़ी कारोबारियों ने निर्णय लिया कि बुनकरों के खाते में ही उनका पेमेंट भेजा जाएगा ताकि रोजे में उनको परेशानी न हो। बैठक में अशोक धवन, नरोत्तम अढतिया, राजेंद्र कपूर, हरिमोहन साह, सर्वेश अग्रवाल, वीरेश शाह, विजय कपूर, गुरुप्रीत रूपानी, राजेंद्र मेहरा, देवेंद्र पाठक, सचिन रतेरिया, संजय वाही, पवन मोदी आदि ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों बनारसी साड़ी कारोबार वाली गलियों को सैनिटाइज कराया जाए।