विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

संसद के मंच पर चमकी बनारस की गुलाबी मीनाकारी, मैजिक बर्ड पर मुग्ध हुए विदेशी मेहमान

By Arun Kumar Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 11:02 AM (IST)

बनारस की गुलाबी मीनाकारी ने 12वें पार्लियामेंट्री ब्रिक्स सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का ध्यान खींचा, जहाँ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ...और पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन में बनारसी गुलाबी मीनाकारी की धूम मैजिक बर्ड ने मोहा मन।

ब्रिक्स सम्मेलन में बनारसी गुलाबी मीनाकारी की धूम मैजिक बर्ड ने मोहा मन।

HighLights

  1. ब्रिक्स सम्मेलन में बनारसी गुलाबी मीनाकारी का प्रदर्शन।

  2. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कारीगरी को परखा।

  3. मैजिक बर्ड और कमल ब्रोच ने ध्यान आकर्षित किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बनारस की गुलाबी मीनाकारी की चमक जब संसद के प्रांगण में बिखरी तो उसकी कलात्मक उड़ान सात समंदर पार से आए मेहमानों को भी आकर्षित करने लगी। धातु पर रंगों की महीन नक्काशी, पारंपरिक हुनर की बारीकी और सौंदर्यबोध का अनूठा संगम गुलाबी मीनाकारी के रूप में नई दिल्ली स्थित संसद भवन में आयोजित 12वें पार्लियामेंट्री ब्रिक्स सम्मेलन में आकर्षण का केंद्र बना।

26 और 27 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान बनारस के इस पारंपरिक शिल्प ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई। गुलाबी मीनाकारी के स्टाल पर विदेशी मेहमानों ने ज्वेलरी के साथ मैजिक बर्ड की खरीदारी में विशेष रुचि दिखाई। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों से आए प्रतिनिधियों के लिए देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टाल लगाए गए थे। इनमें वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी का स्टाल भी था।

मैजिक बर्ड को अंगुली पर रख परखी कारीगरी
सम्मेलन के समापन दिवस मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हस्तशिल्प स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान वह गुलाबी मीनाकारी के स्टाल पर पहुंचे और वहां मौजूद शिल्पी कुंज बिहारी सिंह से पूछा कि वे कहां से आए हैं। जवाब में बनारस का नाम सुनते ही उन्होंने उत्पादों के बारे में जिज्ञासा दिखाई और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली।

कुंज बिहारी सिंह के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने गुलाबी मीनाकारी के आकर्षक उत्पाद मैजिक बर्ड को अपनी अंगुली पर रखकर उसका संतुलन भी परखा। उन्होंने इस कलात्मक उत्पाद की विशेषता और इसे तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मैजिक बर्ड के साथ कमल ब्रोच सहित अन्य मीनाकारी उत्पादों ने भी उनका ध्यान आकर्षित किया। ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) के तहत बनारस की गुलाबी मीनाकारी की पहचान और उसके महत्व पर भी चर्चा हुई।

धातु पर रंगों से उकेरी जाती है बनारस की पहचान
गुलाबी मीनाकारी केवल आभूषणों को सजाने की कला नहीं, बल्कि बनारस की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पीढ़ियों से हस्तांतरित होते आ रहे शिल्प कौशल की पहचान है। धातु की सतह पर बारीक डिजाइन उकेरकर उनमें रंगीन मीनाकारी की जाती है। गुलाबी रंगों की विशिष्ट छटा, महीन कारीगरी और आकर्षक आकृतियां इसे दूसरे हस्तशिल्प उत्पादों से अलग पहचान देती हैं। आभूषणों, ब्रोच और सजावटी कलाकृतियों में इस कला का प्रयोग किया जाता है।