जिद पर आईं पत्नियां तो पतियों को किडनी बेचने की आएगी नौबत, करवाचौथ के पहले नौलखा हार के पार जा पहुंचा बनारस का सराफा बाजार
करवा चौथ से पहले वाराणसी का सराफा बाजार गुलजार है, जहां सोने के बढ़ते भाव के बावजूद हल्के और पारंपरिक ...और पढ़ें
HighLights
करवा चौथ से पहले वाराणसी सराफा बाजार में उछाल।
हल्के व पारंपरिक गहनों की मांग में वृद्धि।
चांदी के आभूषणों, सिक्कों की बिक्री भी बढ़ी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। “हल्के में कुछ एंटिक डिजाइन में दिखाइए भइया।” की मांग पूरी भी नहीं हुई थी कि इसी बीच दूसरी ग्राहक ने पूछा, “सिल्वर में राजस्थानी लुक वाला कुछ है क्या?” त्योहारी सीजन में सराफा बाजार में ग्राहकों की पसंद के ये अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। बनारस का करवाचौथ से पहले गहनों का बाजार ऐसा चटख हुआ कि कीमतों में सुर्खाब के पर लग गए। इस बार करवा चौथ 29 अक्टूबर है, लिहाजा सराफा कारोबार अभी से रंग जमाने लगा है।
एक ओर सोने के बढ़ते भाव के बीच युवा हल्के और फैशनेबल आभूषण तलाश रहे हैं, तो दूसरी ओर महंगे हार और पारंपरिक गहनों की मांग भी बनी हुई है। चांदी के गहनों का दायरा भी बढ़ा है। बाजार में 100 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के चांदी के आभूषण उपलब्ध हैं, जबकि सोने के हार की कीमत 35 लाख रुपये तक पहुंच रही है। लोग मजाक में कहते फिरते रहे कि पत्नियां जिद पर आ गईं तो अबकी करवा चौथ पर पतियों की किडनी बेचने की नौबत ना आए।

चेतमणि ज्वेलर्स के अधिष्ठाता गुंजन अग्रवाल ने बताया कि सोने के भाव में तेजी के बीच ग्राहकों की पसंद में बदलाव दिख रहा है। युवा ऐसे गहने पसंद कर रहे हैं, जिन्हें रोजमर्रा में भी पहना जा सके और जो उनके व्यक्तित्व के अनुरूप हों। वहीं चांदी के आभूषणों की मांग भी बढ़ी है। नवरात्र में डांडिया के चलन के साथ राजस्थानी शैली के चांदी के गहनों की मांग में 50 प्रतिशत तक तेजी आई है।
हल्के गहनों के साथ महंगे हार की भी मांग
सोने के बढ़ते भाव के बावजूद महंगे आभूषणों का आकर्षण कम नहीं हुआ है। बनारस के सराफा बाजार में नौ लाख रुपये के हार से आगे बढ़कर 35 लाख रुपये तक के हार उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार डिजाइन चुन रहे हैं। दूसरी ओर, 22 कैरेट के मुकाबले 18 कैरेट के गहनों की मांग बढ़ रही है। खासकर रत्न, पन्ना और हीरे जड़े आभूषणों में कम कैरेट के सोने को पसंद किया जा रहा है। इससे ग्राहक कम वजन में आकर्षक डिजाइन खरीद पा रहे हैं।

गुलाबी मीनाकारी और चांदी के भगवान की मांग
बनारस की गुलाबी मीनाकारी के आभूषण भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं चांदी के भगवान की मूर्तियां खरीदने का चलन भी बढ़ा है। त्योहारी खरीदारी में लोग पूजा के लिए चांदी की मूर्तियां और अन्य धार्मिक सामान पसंद कर रहे हैं।
सोने, चांदी के सिक्कों में निवेश, पुराने गहनों की अदला-बदली
त्योहारी सीजन में इस बार सोने और चांदी के सिक्कों की मांग भी बढ़ी है। युवा ग्राहक आभूषणों के साथ निवेश के उद्देश्य से सिक्के खरीद रहे हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोने की खरीद और बचत से जुड़ी अपील के बाद पुराने सोने के आभूषणों के बदले नए गहने लेने के लिए भी ग्राहक पहुंच रहे हैं।
पिछले वर्षों में सराफा कारोबार
वर्ष 2024 के त्योहारी सीजन में बनारस का सराफा कारोबार करीब 650 से 700 करोड़ रुपये रहा था, जबकि 2025 के धनतेरस पर कारोबार करीब 900 करोड़ रुपये तक पहुंचा था। इस बार कारोबारियों को पूरे त्योहारी सीजन में एक हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा पार होने की उम्मीद है।
