वाराणसी, सौरभ चंद्र पांडेय। रोपवे की तैयारियों के बीच जल्द ही बनारस के आसमान पर एयर बैलून उड़ते नजर आएंगे। इसमें बैठ कर आप उत्तर वाहिनी गंगा और ज्योतिर्लिंगाकार काशी की अद्भुत छटा देख पाएंगे । इस रोमांचक अहसास के लिए पर्यटन विभाग बनारस में पहली बार तीन दिवसीय एयर बैलून फेस्टिवल के आयोजन की तैयारी कर रहा है। इसके लिए गुनगुनी धूप वाला नवंबर माह चुना गया है। पर्यटन प्रदेश मुख्यालय ने कंपनी भी तय कर ली है। सिर्फ स्थान का चयन होना शेष है। बैलून फेस्टिवल में एक दर्जन से अधिक गुब्बारों के माध्यम से लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक की यात्रा का आनंद उठाएंगे। हर बैलून में बैठने की क्षमता अलग-अलग होगी।

फिलहाल एयर बैलून फेस्टिवल के लिए तीन स्थानों को लेकर मंथन किया जा रहा है। इसमें सिगरा स्थित डा. संपूर्णानंद स्टेडियम, रामनगर, गंगापार रेती और बीएचयू के किसी मैदान को चुना जा सकता है। इसे लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। हालांकि यह यात्रा गंगापार रेती से रामनगर तक, गंगापार रेती से बीएचयू तक, सिगरा स्टेडियम से गंगापार रेती तक या बीएचयू के किसी मैदान तक हो सकती है। इसे लेकर विचार-विमर्श जारी है। वहीं रामनगर से बनारस तक भी उड़ान करने पर भी चर्चा हो रही है।

इस सप्ताह हो सकती है बैठक

एयर बैलून फेस्टिवल के आयोजन को लेकर इस सप्ताह के अंत तक पुलिस कमिश्नर, एयरपोर्ट निदेशक, फायर ब्रिगेड, पर्यटन विभाग, बैलून कंपनी के अधिकारियों संग बैठक होनी है। उम्मीद है कि यह बैठक 27 अक्टूबर को होगी। जानकारी के मुताबिक एयर बैलून फेस्टिवल का आयोजन सुबह पांच बजे से होगा।

आगरा में हो चुका है आयोजन

वर्ष 2015 में आगरा में एयर बैलून फेस्टिवल आयोजित किया जा चुका है। काशी में इससे पहले बैलून से एक स्थान से उड़ान भरकर उसी स्थान पर उतरने का आयोजन अस्सी घाट पर हुआ था। इस बार लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए उड़ान भरने का मौका मिलेगा।

एयर बैलून फेस्टिवल का आयोजन नवंबर में प्रस्तावित है

एयर बैलून फेस्टिवल का आयोजन नवंबर में प्रस्तावित है। अभी तिथि निर्धारण नहीं हुआ है। जल्द ही बैठक होने वाली है जिसमें तिथि और उड़ान भरने के स्थल का चयन हो जाएगा।

-कीर्तिमान श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, वाराणसी व मीरजापुर मंडल

Edited By: Saurabh Chakravarty