विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल में जाते-जाते सावन के बादलों ने निभाई जिम्मेदारी, बरसात का औसत कोटा हुआ पूरा

By Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 27 Aug 2026 12:12 PM (IST)

वाराणसी में सावन के बादलों ने 26 अगस्त तक औसत वर्षा का कोटा पूरा कर दिया है, जिससे वास्तविक और ...और पढ़ें

वाराणसी में सावन की विदाई से पहले औसत वर्षा पूरी, अब भादों में घट सकती है बारिश।

वाराणसी में सावन की विदाई से पहले औसत वर्षा पूरी, अब भादों में घट सकती है बारिश।

HighLights

  1. वाराणसी में 26 अगस्त तक औसत वर्षा पूरी हुई।

  2. वास्तविक और औसत वर्षा का अंतर अब शून्य।

  3. भाद्रपद में वर्षा कम होने, तापमान बढ़ने की संभावना।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जाते-जाते सावनी बादलों ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी। मास खत्म होने के दो दिन पूर्व सोमवार की रात्रिपर्यंत मंगलवार की सुबह तक बरस कर एक जून से 26 अगस्त तक का वर्षा का कोटा पूरा कर दिया और अभी सामान्य औसत वर्षा के लक्ष्य को पा लिया। हालांकि, भाद्रपद में वर्षा कम होने के आसार हैं, इससे फिर मानसून के अंत तक सकल वर्षा के औसत में कमी आ सकती है।

मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त तक वाराणसी में औसत वर्षा 573.5 मिमी होनी चाहिए लेकिन मंगलवार तक यह आंकड़ा 123.9 मिमी वर्षा के बाद भी लक्ष्य से माइनस तीन प्रतिशत पीछे 555.6 मिमी था।

फिर मंगलवार की शाम से बुधवार की सुबह तक 17.6 मिमी पानी बरसने और दिन में भी बाबतपुर क्षेत्र में 5.6 मिमी पानी गिरने से 26 अगस्त को यह आंकड़ा अपने वर्षा के सामान्य औसत को पार कर गया और 26 अगस्त तक होने वाली 576.2 मिमी औसत वर्षा के सापेक्ष 577.2 मिमी पहुंच गया। इस तरह वाराणसी में बुधवार तक औसत व वास्तविक वर्षा के बीच का अंतर शून्य हो गया। जबकि सावन मास में अभी दो दिन और बाकी हैं।

लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इधर अगस्त माह के बीते 15 दिनों में बीच-बीच में तीन-चार दिन अच्छी वर्षा हुई, जबकि जुलाई माह में एक ही दिन अच्छी वर्षा हुई थी। इससे औसत वर्षा का अंतर तेजी से घटा और 26 अगस्त तक यह अंतर शून्य हो चुका है।

आज के बाद और कम होंगे बादल, फिर भादों में कर सकते वापसी
बुधवार की सुबह से आसमान में बादल कुछ विरल होना शुरू हो गए, इससे दोपहर में तेज तीखी धूप निकली और भीषण उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो उठे। हालांकि, शाम को कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हुई। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अभी बनारस में तीन-चार दिनों तक रह-रह कर छिटपुट वर्षा हो सकती है।

हालांकि शुक्रवार तक विरल हो सकते हैं लेकिन इसके बाद 29 से पुन: बादलों की वापसी हो सकती है। इस तरह भादों मास की शुरुआत फिर बदली से संभावित है। बुधवार को अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

अब बढ़ेगा तापमान
डा. अतुल सिंह ने बताया कि दक्षिणी उत्तर प्रदेश एवं संलग्न उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश पर संकेद्रित निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी जम्मू, देहरादून से होते हुए उस निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से गुजर रही है और रांची, दीघा के रास्ते उत्तरी-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके कारण अब प्रदेश में गुरुवार उपरांत व्यापक कमी आएगी और तापमान में क्रमिक बढ़ोत्तरी हो सकती है।