विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

काशी में गंगा की बाढ़ हुई व‍िकराल, शवों को श्‍मशान घाट तक पहुंचाने के लिए मण‍िकर्ण‍िका गली में नाव बनी सहारा

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 03 Sep 2026 06:21 PM (IST)

गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे मणिकर्णिका घाट डूब गया है ...और पढ़ें

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर खतरे के करीब।

  2. मणिकर्णिका घाट डूबा, शवों को नाव से ले जाया जा रहा।

  3. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी बाढ़ पर दिए आवश्यक निर्देश।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में गंगा का रौद्र रूप दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करने के बाद खतरे के निशान की ओर बढ़ चला है। लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह बढ़ाव आधे मीटर के खतरे के निशान को भी पार करने पर आमादा है। ऐसे हालात में तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की दुश्वारियां भी काफी बढ़ गई हैं।

लोगों के जनजीवन पर तो असर पड़ा ही है, वहीं मोक्ष के रास्ते भी बाढ़ ने अड़चन पैदा कर दी है। महाशमशान मणिकर्णिका घाट को डुबोने के बाद गंगा गलियों में आ चुकी है। जिसके चलते अब गलियों में नाव के सहारे शव को अंतिम संस्कार के लिए मणिकर्णिका की छत पर ले जाना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जिलाधिकारी से बाढ़ के हालात पर चर्चा की और बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न होने पाए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। गंगा किनारे मणिकर्णिका पर अंतिम संस्कार के बाद मोक्ष प्राप्ति का दावा भी होता है। लेकिन गंगा के रौद्र रूप ने मानो वैतरणी का रूप अख्तियार कर लिया है।

यह भी पढ़ें : काशी में गंगा का जलस्‍तर 70.60 मीटर तक पहुंचा, खतरा ब‍िंदु के करीब पहुंचने को आतुर हुईं लहरें

पहले शवों को चार कंधों पर लेकर मणिकर्णिका घाट तक लाया जाता था, लेकिन अब आलम यह है कि शमशान तक पहुंचाने के लिए चार कंधों से ज्यादा नाव की जरूरत हो रही है। बाढ़ के चलते शवों के आने का सिलसिला भी कम हुआ है, लेकिन जो शवयात्री आ रहे हैं, उन्हें गंदगी, कीचड़, मलबे और कंधे तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। विपरीत मौसम में उन्हें खर्च भी दुगना उठाना पड़ रहा है।

यात्रियों ने यह मांग उठाई है कि इतने पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान की समुचित सफाई होनी चाहिए और शमशान तक पहुंचने वाले रास्ते को भी सुगम बनाना चाहिए। वाराणसी की इस स्थिति ने न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी कठिनाइयाँ उत्पन्न कर दी हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। 

यह भी पढ़ें : वाराणसी के महापौर ने बताया क‍ि आख‍िर पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने बाढ़ पर किए कैसे सवाल? बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर कही य‍ह बात

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।