जागरण संवाददाता वाराणसी। इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी बौद्ध पार्क से गुरुवार को जय काशी जय वनवासी के उद्घोष के साथ चंद्रप्रभा सर्किट भ्रमण के लिए पर्यटकों को लेकर बस रवाना हुई। वन निगम के जनरल मैनेजर एपी सिन्हा, वन संरक्षक प्रमोद गुप्ता, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव ने नगाड़े की धुन पर बस रवाना किया।

बताया जाता है कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने गुरुवार को इसकी शुरुआत कर दी। यह प्रदेश में वाराणसी-चंद्रप्रभा सर्किट, आगरा-चंबल सर्किट व गोरखपुर-सोहगीबरवा (महराजगंज) सर्किट तीनों जगहों की शुरुआत लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दाेपहर 12.45 बजे आनलाइन किया। इसके बाद सारनाथ पार्क से चंद्रप्रभा के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने बस को रवाना किया।

वन निगम के जनरल मैनेजर एपी सिन्हा ने बताया कि प्राकृतिक सौंदर्यता हमारी धरोहर है। इन्हें बिना किसी तरह का नुकसान पहुंचाए ही हमें जानकारी लेना है। प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कोजलगी ने कहा कि भू-आकृति आकर्षणों और स्थलों से जुड़े पर्यटन क्षेत्र से विकास की अपार संभावनाएं हैं। पहले चरण में यह यात्रा वाराणसी से चंद्रप्रभा में चकिया का लतीफशाह बांध, राजदरी-देवदरी, नौगढ़ का किला जाएंगे। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर दिनेश कुमार सिंह, वनक्षेत्राधिकारी एके उपाध्याय, निशि कांत, सजृन सामाजिक विकास न्यास के अनिल कुमार सिंह, अमित दुबे, रामधन यादव आदि थे।

इको टूरिज्म में गाइड होंगे प्रशिक्षित

वन निगम के जनरल मैनेजर एपी सिन्हा ने बताया कि इको टूरिज्म के माध्यम से भारत की प्राकृतिक सौंदर्यता व संस्कृतिक धरोहरों से पर्यटको को जोड़ना है। साथ ही इनके संरक्षण संवर्धन की जानकारी देना है। और वहां के क्षेत्रीय लोगों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। इनके साथ ही आने वाले समय में 15 लोगों को नेचर गाइड का प्रशिक्षण वन विभाग व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्राकृतिक सौंदर्यता के बीच दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में प्राकृतिक संरक्षण, वनस्पतियों, इतिहास की जानकारी दी जाएगी।

Edited By: Saurabh Chakravarty