वाराणसी, जेएनएन। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के प्रथम तल पर स्थित अन्नपूर्णेश्वरी दरबार तक पहुंचने की बाधाएं मंगलवार को खत्म हो गईं। मंदिर प्रशासन द्वारा सभी द्वार खोल दिए जाने से धनतेरस व अन्नकूट को लेकर प्रबंधन व श्रद्धालुओं की यह चिंता खत्म हुई। इससे पहले दोपहर में मंदिर पहुंचे एसपी सिटी ने महंत रामेश्वर पुरी से मुलाकात की। स्वर्णमयी अन्नपूर्णेश्वरी दरबार में चार दिनी उत्सव और आने-जाने वाले रास्तों के संबंध में जानकारी ली। इन्हें देखा और कहा कि पूर्व के वर्षों की भांति ही इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को दर्शन मिलेगा। इस दौरान उपहंत शंकर पुरी व अन्य पुलिस अधिकारी थे। 

स्वर्णमयी अन्नपूर्णेश्वरी का मंदिर वर्ष में चार दिन के लिए धनतेरस पर खुलता है। दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट के साथ रात में आरती कर पट साल भर के लिए बंद होते हैैं। इस दौरान धनतेरस पर 25 अक्टूबर को बांसफाटक से ढुंढिराज गेट होते मंदिर में प्रवेश और राम मंदिर परिसर से निकास होगा। इसके अलावा 26-27 को ढूंढिराज द्वार व छत्ता द्वार से प्रवेश- निकास की व्यवस्था होगी। अन्नकूट पर २8 अक्टूबर को बाबा दरबार के लिए छत्ताद्वार से प्रवेश-निकास और अन्नपूर्णा मंदिर में ढूंढिराज द्वार से प्रवेश-निकास की व्यवस्था रहेगी। 

दीवाली से पूर्व बाबा दरबार और आसपास के क्षेत्रों में आस्‍थावानों की सक्रियता भी बढ़ जाती है ऐसे में धार्मिक अनुष्‍ठानों और त्‍योहारों के बीच यातायात व्‍यवस्‍था भी समस्‍याओं में आ जाती है। लिहाजा प्रशासन पूर्व में ही चुनौतियों ने निपटने के लिए बाबा दरबार क्षेत्र में यातायात व्‍यवस्‍था सरल करने के लिए प्रयास कर रहा है ताकि आने वाले दिनों में भी लोगों को जाम लगने और आने जाने को लेकर दुश्‍वारियां न झेलनी पडे़। त्‍योहारों के सीजन में वैसे भी काशी की सड़क से लेकर गलियां तक जाम की चपेट में आ जाती हैं। प्रशासन इसीलिए पहले ही सक्रिय हो गया है। 

Posted By: Abhishek Sharma

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