वाराणसी में अनंत चतुर्दशी पर उमड़ी आस्था की भीड़, महिलाओं ने की भगवान विष्णु की आराधना
वाराणसी में भाद्रपद चतुर्दशी पर अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया, जहाँ महिलाओं ने लक्ष्मी कुंड पर भगवान विष्णु ...और पढ़ें
HighLights
अनंत चतुर्दशी पर्व वाराणसी में श्रद्धा और आस्था से मनाया गया।
महिलाओं ने लक्ष्मी कुंड पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की।
परिवार की सुख-समृद्धि और पाप मुक्ति हेतु अनंत सूत्र धारण किया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भाद्रपद मास की चतुर्दशी तिथि पर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। लक्ष्मी कुंड स्थित तालाब के समीप सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जुटी रही। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और अनंत भगवान की आराधना से सुख-समृद्धि मिलती है और पापों से मुक्ति प्राप्त होती है।
इस अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा और आरती का विशेष महत्व है। पूजा के दौरान महिलाओं ने अनंत सूत्र धारण किया, जिसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। यह गांठें 14 लोकों का प्रतीक मानी जाती हैं। महिलाएं इस पवित्र सूत्र को धारण कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करती हैं।
अनंत चतुर्दशी का पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं अपने परिवार के कल्याण के लिए व्रत करती हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अनंत सूत्र का पूजन करती हैं। इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है, जब महिलाएं एकत्रित होकर सामूहिक रूप से पूजा करती हैं।
पूजा के दौरान महिलाएं विशेष रूप से अपने परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र और स्वास्थ्य की कामना करती हैं। अनंत चतुर्दशी का पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।
इस दिन की पूजा विधि में विशेष ध्यान रखा जाता है। महिलाएं सुबह से ही तालाब के किनारे एकत्रित होती हैं और वहां पूजा की तैयारी करती हैं। पूजा के बाद, महिलाएं अनंत सूत्र को अपने गले में बांधती हैं, जो उनके लिए एक शुभ संकेत माना जाता है।
अनंत चतुर्दशी का पर्व वाराणसी में हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन की पूजा से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलता है, बल्कि यह समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। वाराणसी की महिलाएं इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाती हैं और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। अनंत चतुर्दशी का पर्व वाराणसी में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया, जो कि इस पवित्र शहर की धार्मिक संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है।
