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वाराणसी में इंड‍िगो के पायलट ने तबीयत खराब होने से उड़ान भरने से क‍िया था मना, अहमदाबाद से बुलाया गया दूसरा पायलट

By manish mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 10 Sep 2026 07:04 PM (IST)

वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो की मुंबई जाने वाली उड़ान चार घंटे लेट हुई, क्योंकि पायलट की तबीयत खराब हो गई ...और पढ़ें

वाराणसी में इंडिगो पायलट की तबीयत बिगड़ी, मुंबई उड़ान में चार घंटे की देरी से यात्री परेशान।

वाराणसी में इंडिगो पायलट की तबीयत बिगड़ी, मुंबई उड़ान में चार घंटे की देरी से यात्री परेशान।

HighLights

  1. इंडिगो की वाराणसी-मुंबई उड़ान पायलट की तबीयत खराब होने से चार घंटे रुकी।

  2. यात्रियों ने देरी और जानकारी न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की, हंगामा भी हुआ।

  3. अहमदाबाद से दूसरा पायलट बुलाकर दोपहर में विमान मुंबई के लिए रवाना हुआ।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार को सुबह मुंबई जाने वाला इंडिगो का विमान (उड़ान संख्या 6ई 6544) पायलट के इंतजार में एप्रन के बे नंबर चार पर चार घंटे तक खड़ा रहा। विमान को सुबह 10:45 बजे मुंबई के लिए रवाना होना था, लेकिन पायलट ने तबीयत खराब होने के कारण उड़ान भरने से इन्कार कर दिया।

बताया गया क‍ि उस समय यात्री सुरक्षा जांच पूरी कर सिक्योरिटी होल्ड एरिया के बोर्डिंग गेट नंबर चार पर थे, लेकिन उन्हें विमान में सवार होने से रोक दिया गया। उड़ान में देरी की जानकारी मिलने पर यात्रियों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया। उनका कहना था कि एयरलाइन की ओर से उन्हें सही और समय पर जानकारी नहीं दी गई, जिससे आगे की यात्रा और जरूरी काम प्रभावित हुए।

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि पायलट की तबीयत खराब होने के कारण वह उड़ान संचालित नहीं कर सका। उसके स्थान पर अहमदाबाद से दूसरा पायलट बुलाया गया और विमान दोपहर 2:35 बजे मुंबई के लिए रवाना हुआ। एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य वाराणसी निवासी मोहम्मद जुबैर को भी इसी विमान से मुंबई जाना था।

उन्होंने बताया कि देरी के कारण मुंबई में दोपहर दो बजे जरूरी व्यावसायिक बैठक छूट गई। चंदौली के मनोज प्रजापति को मुंबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दुबई जाना था। उन्हें आशंका थी कि देरी के कारण अगली उड़ान छूट सकती है। कई यात्रियों ने बताया कि सुबह आठ बजे से एयरपोर्ट पर बैठे थे, लेकिन उन्हें रिफ्रेशमेंट तक नहीं दिया गया। शिकायत के बाद एयरलाइन ने नाश्ता उपलब्ध कराया। यात्रियों ने कहा कि 15 मिनट की देरी पर एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों पर नियम लागू करने वाली एयरलाइन को ऐसी स्थिति में यात्रियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।

पहले भी ड्यूटी पूरी होने पर पायलट ने किया था इन्कार
दिसंबर 2025 में भी इंडिगो की कोलकाता-वाराणसी उड़ान के बाद पायलट ने ड्यूटी का निर्धारित समय पूरा होने का हवाला देकर विमान को वापस कोलकाता ले जाने से इन्कार कर दिया था। वैकल्पिक क्रू उपलब्ध नहीं होने के कारण विमान पूरी रात वाराणसी एयरपोर्ट पर खड़ा रहा और अगले दिन कोलकाता रवाना हुआ।

हफ्ते और साल में उड़ान के घंटे की सीमा तय
पायलट के उड़ान और ड्यूटी समय को लेकर नागर विंमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम लागू हैं। इसके तहत पायलट सप्ताह में अधिकतम 35 घंटे और महीने में 100 से 125 घंटे तक उड़ान भर सकता है। सालाना उड़ान की सीमा 1,000 घंटे और ड्यूटी की अधिकतम सीमा 1,800 घंटे निर्धारित है। सप्ताह में 48 घंटे का विश्राम देना अनिवार्य है। विश्राम की अवधि पिछली उड़ान की अवधि से कम-से-कम दोगुनी होनी चाहिए। लगातार दो दिन से अधिक नाइट ड्यूटी नहीं की जा सकती।