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राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन खराब हुआ या हादसे में चाह‍िए मदद तो एआइ बताएगा रास्ता, स्मार्ट होगी 1033 की व्‍यवस्‍था

By Arun Kumar Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 21 Sep 2026 11:39 AM (IST)

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अपनी 1033 हेल्पलाइन को एआई, रियल टाइम ट्रैकिंग और स्मार्ट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के साथ ...और पढ़ें

वाराणसी समेत देशभर के हाईवे पर बदलेगा आपात सहायता का तरीका, रियल टाइम लोकेशन से पहुंचेगी मदद।

वाराणसी समेत देशभर के हाईवे पर बदलेगा आपात सहायता का तरीका, रियल टाइम लोकेशन से पहुंचेगी मदद।

HighLights

  1. 1033 हेल्पलाइन को एआई और रियल टाइम ट्रैकिंग से अपग्रेड किया जा रहा है।

  2. वाहन खराब होने या दुर्घटना में त्वरित और सटीक सहायता मिलेगी।

  3. भाषा बाधा कम होगी, सक्रिय चेतावनी और डिजिटल समन्वय बढ़ेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी! राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन खराब हुआ या हादसे में मदद की जरूरत पड़ी तो 1033 पर फोन करने के बाद अब सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया और स्मार्ट होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) अपनी मौजूदा 1033 राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन को नेक्स्ट जेनरेशन प्लेटफार्म में बदलने की तैयारी कर रहा है

। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग और स्मार्ट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम का इस्तेमाल होगा। यह व्यवस्था वाराणसी समेत देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू किए जाने की दिशा में है।

वर्ष 2018 में शुरू हुई 1033 हेल्पलाइन फिलहाल 24 घंटे और सातों दिन संचालित होती है। हेल्पलाइन से चिकित्सा आपातस्थिति, वाहन खराब होने, एंबुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहन की मदद के साथ टोल प्लाजा और फास्टैग संबंधी समस्याओं में सहायता ली जा सकती है।

फोन मिलाते ही लोकेशन पर नजर

नई व्यवस्था में काल करने वाले की वास्तविक समय की लोकेशन कैप्चर करने की सुविधा होगी। इससे दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में घटनास्थल की पहचान आसान होगी। सिस्टम उपलब्ध एंबुलेंस, क्रेन या पेट्रोलिंग वाहन में से उपयुक्त संसाधन की पहचान कर उसे भेजने में सहायता करेगा।

भाषा की बाधा भी होगी कम
एआइ आधारित वायस और भारतीय भाषा स्पीच रिकग्निशन तकनीक से अलग-अलग भाषाओं में आने वाली काल को समझने और संबंधित सूचना दर्ज करने में मदद मिलेगी। हालांकि आपातकालीन मामलों में निर्णय और मानवीय हस्तक्षेप के लिए ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

हादसे से पहले भी मिलेगी चेतावनी
प्रस्तावित प्रणाली में सक्रिय चेतावनी की सुविधा भी होगी। राजमार्ग पर दुर्घटना या अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी उपयोगकर्ताओं तक समय से पहुंचाने में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं और हाईवे संचालन टीमों के बीच डिजिटल समन्वय भी बढ़ाया जाएगा।

एनएचएआइ के अधिकारी ने बताया कि एनएचएआइ की प्रवर्तित कंपनी इंडियन हाइवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आइएचएमसीएल) ने नेक्स्ट जेनरेशन 1033 हेल्पलाइन और काल सेंटर के विकास, डिजाइन, तैनाती, संचालन व रखरखाव के लिए कंपनियों और संघों से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की है।