आजमगढ़, जेएनएन। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही सोमवार की सुबह कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां पहुंचे। उन्होंने एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी इंर्फामेंशन सेंटर (एटीआइसी)  का उद्घाटन कर अन्नदाताओं को समर्पित किया। कहा कि किसानों की तरक्की से ही देश का विकास संभव है, इसलिए किसानों को सहफसली के तौर तरीके बताने के साथ ही उनकी पैदावार आॅनलाइन बाहर बेचने की व्यवस्थाओं को और अासान बनाया जाए। बोले कि एटीआइसी के जरिए किसान कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उनके लिए की जा रही नई खाेज एवं तैयारियों को जान सकेंगे। उन्होंने केवीके की व्यवस्थाओं के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह की पीठ थपथपाई।

किसान सम्मान निधि का लाभ एक-एक किसानों तक पहुंचे

उत्तर प्रदेश सरकार के  कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही 21 जून को देर शाम जिले में पहुंचे थे। उनके साथ ही कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. विजेंद्र सिंह, निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव मौजूदगी रहे। उन्होंने आला अधिकारियों की मौजूदगी में जिले में कृषि कार्यों की समीक्षा बैठक की। यह जानने की कोशिश की कि अन्नदाताओं तक सरकार की योजनाएं पहुंचा पा रही कि नहीं। उनका जोर किसान सम्मान निधि एक-एक किसानों तक पहुंचाने पर रहा। कृषि उपकरणों पर दी जा रही छूट के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने मंडी के डिप्टी डायरेक्टर को भी मीटिंग में बुलाया था। उनसे मंडी को और आधुनिक बनाने की बात कही, बोले कि आज प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। किसानों को आनलाइन बाजार उपलब्ध कराएं। सबकुछ इतना अासान हो कि अन्नदाता अपनी उपज का ज्यादा लाभ लेने के लिए सरकार की व्यवस्थाओं का उपयोग करने की कोशिश करे। इससे पूर्व कृष विज्ञान केंद्र के आवला बाग में गए तो कहा सहफसली पर जोर दें। वह चाह रहे थे कि किसानों का बताया जाए कि आवला कि खेती के साथ दूसरी फसल भी उगाई जा सकती है।

गांव में ही प्रवासी मजदूरों काे काम दें

उन्होंने मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि गांव में ही प्रवासी मजदूरों काे काम दें। मंत्री ने एक होटल का उद्घाटन भी किया। आजमगढ़ पहुंचने से पूर्व गाजीपुर, मऊ का केवीके देखते यहां जनपद में पहुंचे थे। आजमगढ़ में कृषि विज्ञान केंद्र की व्यवस्थाओं को देखने के बाद खुश हुए। बोले कि आप दस गांव को गोद लेकर उन्हें डेवलप करने की व्यवस्था करें। इसके जवाब में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. केएम सिंह ने कहा कि पहले से पांच गांवों को गोद लेकर कार्य कर रहा हूं। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने मनरेगा कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग अपनी कमियां छिपाने के लिए मंत्री के आने की जानकारी मीडिया तक को नहीं दी।

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