जागरण संवाददाता, मऊ : सरयू के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। आननफानन में 30 चौकियां स्थापित कर उन पर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। यही नहीं बाढ़ खंड के अधिकारियों को निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। कलेक्ट्रेट में तत्काल प्रभाव से कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। यहां भी शिफ्टवार अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।

बारिश शुरू हो गई है। जनपद में बारिश का असर ज्यादा नहीं है लेकिन अन्य जिलो में बारिश तेज है। ऐसे में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हर घंटे जलस्तर में 23 सेमी की बढ़ोत्तरी हो रही है। धीरे-धीरे जलस्तर निचले इलाके की ओर बढ़ने लगा है। इससे देवारावासियों सहित निचले इलाके के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी है। बाढ़ विभीषिका के कहर को याद कर लोग सहम जा रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई तैयारी नहीं की गई थी। सोमवार की शाम तक जलस्तर बढ़कर 67.90 मीटर पर पहुंच गया था। यह अभी खतरा बिंदु से दो मीटर नीचे हैं। इसके बावजूद प्रशासन अपनी तैयारी को लेकर हाथ पांव मारना शुरू कर दिया है। उधर मधुबन के बिंदटोलिया में भी सरयू के कहर से लोग अपने-अपने ठिकानों की तरफ कदम बढ़ाने की तैयारी करने में जुटे हुए हैं। वैसे दर्जनों परिवार यहां कटान से बेघर हो चुका है। अब घाघरा की कटान भी तेजी से बिंदटोलिया गांव की तरफ बढ़ रही है। इससे यहां के लोग भी सहमे हुए हैं।

कोविड वाले संभालेंगे बाढ़ की भी जिम्मेदारी

मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय के सभागार में संचालित कोविड-19 सेंटर में कार्यरत अधिकारियों की ड्यूटी आपदा कंट्रोल रूम में भी लगाई गई है। यह कोविड सेंटर के साथ बाढ़ की ड्यूटी भी संपादित करेंगे। इसमें सुबह छह बजे से दो बजे तक सहायक उपायुक्त उद्योग सगीर अहमद मोबाइल नंबर 7355791521 की ड्यूटी लगाई गई है।

दो बजे से रात दस बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी नगर रंजीत कुमार मोबाइल नंबर 6393690321, दस बजे रात्रि से सुबह 6 बजे तक जिला सेवा योजना अधिकारी एमआर प्रजापति मोबाइल नंबर 9450820937 की ड्यूटी लगाई गई है। कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0547-2220595, 0547-2221565 व मोबाइल नंबर 9454417991 है। इस पर बाढ़ आपदा से संबंधित समस्याओं की शिकायत चौबीस घंटे किया जा सकता है।

बाढ़ को देखते हुए सारी तैयारियां कर ली गई है

बाढ़ को देखते हुए सारी तैयारियां कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग को भी एंबुलेंस लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। किसी भी कीमत पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निबटने में कोई कोताही नहीं होगी।

-भानु प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी।

Edited By: Saurabh Chakravarty