वाराणसी, जेएनएन। आखिरकार सोमवार की शाम वह पल आ गया जब दो माह के मासूम व पत्‍‌नी के साथ पांच दिनों से धरने पर बैठे युवक को न्याय मिला। कैंट पुलिस के साथ पहुंचीं एसीएम चतुर्थ शुभांगी पांडेय ने ताला तुड़वाकर उसे घर में प्रवेश करा दिया। यह देख जनता गदगद हो गई और हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए उनकी हिम्मत व कैंट पुलिस की सक्रियता की सराहना करने लगी। दौलतपुर (पांडेयपुर) निवासी किट्टू विश्वकर्मा ने प्रेम विवाह कर लिया था। उसके बड़े पिता राजन राना ने घर आने से मना कर दिया। इसके बाद किट्टू पत्‍‌नी व मासूम के साथ घर के बाहर धरने पर बैठ गया।

दो दिनों तक उसकी आवाज उस गली से बाहर नहीं निकली लेकिन जब अखबारों में खबर प्रकाशित हुई तो जिला प्रशासन हरकत में आया। एसीएम चतुर्थ सुभांगी पांडेय मौके पर पहुंचीं और युवक के पिता महेंद्र राना जो वर्तमान में बीमारी के चलते शारीरिक व मानसिक रूप से असमर्थ हैं, का बयान लिया। पिता ने एसीएम चतुर्थ के सामने बेटे को घर में रहने की बात कहते हुए अपने हक की संपत्ति को बेटे व बेटी के बीच बांटने की बात कही। पूरे बयान को मजिस्ट्रेट ने वीडियो रिकार्डिग कराने के साथ ही कागजात पर भी दर्ज कर लिया। यह कार्यवाही रविवार देर रात तक चली। सोमवार को एसीएम चतुर्थ ने किट्टू को कार्यालय बुलाकर संकल्प दिलाया कि वह पिता के साथ ठीक से रहेगा और उनकी सेवा करेगा।

संकल्प का हलफनामा कार्यालय में जमा कराया। इसके बाद शाम को फोर्स के साथ एसीएम चतुर्थ मौके पर पहुंचीं। पहले युवक के बड़े पिता राजन राना की पत्‍‌नी ने कहा कि पति घर पर नहीं हैं। उनके आने पर घर में प्रवेश मिलेगा। करीब एक घंटे इंतजार के बाद भी राजन राना नहीं पहुंचे तो एसीएम चतुर्थ के आदेश पर कैंट इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार पांडेय की मौजूदगी में पुलिस ने मेन गेट पर लगा ताला तोड़ दिया और युवक को अंदर प्रवेश कराया। एसीएम चतुर्थ ने युवक के पिता से भी मुलाकात की।

इस दौरान उनकी नजर महेंद्र राना के अंगूठे पर पड़ी जिस पर स्याही लगी हुई थी। एसीएम चतुर्थ ने किसी तरह की लिखापढ़ी होने की आशंका जाहिर करते हुए घर के बाहर व अंदर के माहौल व मौके की परिस्थितियों को रिकार्ड में दर्ज कराया लिया। मुहल्ले के लोगों ने पहड़िया चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश सिंह के प्रयास को देखते हुए विशेष तौर पर बधाई देते हुए उनकी सराहना की। वहीं भाजपा नेताओं का फोन इंस्पेक्टर के पास आया लेकिन उन्होंने किसी तरह के दबाव को नकारते हुए कार्रवाई की।

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