भदोही, जेएनएन। छोटी-छोटी बातों को लेकर जिले में एक के बाद एक एसिड से हमले हो रहे हैं। जिले में दो महीने के भीतर तीसरे बार सोमवार को देर रात शहर के दुलमदासपुर में हुए जलसे के दौरान एक युवती पर एसिड अटैक हो गया। यहां मुस्लिम वर्ग के दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष भी हुआ। लाठी-डंडा और धारदार हथियार चले, इसमें 12 लोग घायल हो गये। पुलिस ने 17 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। तेजाब से झुलसी युवती की हालत गंभीर है, उसका पांव तेजाब से बुरी तरह झुलस गया है। डॉक्टरों ने राजकीय अस्पताल से उसे अन्यत्र रेफर कर दिया है। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।

शहर कोतवाली के दुलमदासपुर गांव में जलसे का आयोजन था। एक वर्ग के दो युवकों में विवाद हो गया। जो मारपीट में बदल गया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला बोल दिया। 15 लोगों ने मिलकर महिलाओं व बच्चों को जमकर लाठी-डंडे से पीटा। 18 वर्षीय रेशमा पर तेजाब फेंक दिया। उसका पैर झुलस गया। पुलिस ने सभी घायलों का उपचार राजकीय अस्पताल में कराया। तेजाब से झुलसी युवती के अलावा तीन अन्य को रेफर कर दिया गया।

दोनों पक्षों पर कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने एक पक्ष से 11 जबकि दूसरे पक्ष से छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। दूसरे पक्ष से भी पांच लोग घायल हुए हैं। इसी तरह शेबाब के हाथ व पैर में चोट आई जबकि पिता फखरुद्दीन व बहन संजीदा का फट गया। छोटे भाई अली बाबू व मां शहनाज को नहीं छोड़ा। परिवार के सातों सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने धारा 147, 149, 452, 323, 354, 326,427, 504, 506 के तहत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सुहेब अंसारी, फैजान, सरफरोज, फैशल, अशफाक व अफरोज को गिरफ्तार कर लिया है।

बहने लगा खून तो जलसा बंद

11वीं शरीफ पर दुलमदासपुर गांव में युवाओं द्वारा आयोजित गौसे आजम के जलसे में दो युवको में विवाद खूनी संघर्ष का रूप ले लेगा, यह किसी को आशंका ही नहीं थी। घटना के पीछे युवाओं के बीच नात पढऩे को लेकर उपजे विवाद को मुख्य वजह माना जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो अशफाक व फखरुद्दीन परिवारों को बीच पुरानी रंजिश जरूर है लेकिन सोमवार की देर रात की घटना मामूली विवाद के कारण ही हुई थी।  

जलसे के दौरान फखरुद्दीन के पुत्र बेलाल ने नात पढऩे की बात कही, जिस पर अशफाक के पुत्र फैजान ने अपशब्द बोला। इसे लेकर दोनों में मारपीट हुई। फखरुद्दीन पक्ष ने उनकी पिटाई कर दी। अशफाक का सिर फटने व गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिलते ही उनके चारों भाई व छह पुत्र फखरुद्दीन के घर जा पहुंचे। दोनों तरफ से लाठियां चलीं। कालीन कार्य में उपयोग होने वाला तेजाब फखरुद्दीन की पुत्री रेशमा के पैर पर डाल दिया गया, जिससे उसके दोनों पैर झुलस गए। उधर गांव में हुए खूनी संघर्ष के बाद जलसा भी बंद कर दिया गया। पुलिस के पहुंचते ही लोग घरों में दुबक गए। मंगलवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। उधर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। रजपुरा चौकी इंचार्ज महेंद्र पटेल ने शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई बार गांव में दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली। 

 

Posted By: Abhishek Sharma

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