वाराणसी में रोपवे के स्टेशन पर घुटने से ऊपर पानी, नई काशी के दावों पर पुरानी जलनिकासी का सवाल
वाराणसी में रोपवे परियोजना अंतिम चरण में है, लेकिन इसके मुख्य स्टेशन गदौलिया में 20 मिनट की बारिश से घुटने ...और पढ़ें
HighLights
रोपवे परियोजना वाराणसी में अंतिम चरण में
गदौलिया स्टेशन पर 20 मिनट बारिश में घुटने तक पानी
नई परियोजनाओं के बीच पुरानी जल निकासी पर सवाल
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में विकास की नई तस्वीर दिखाने की तैयारी है। शहर को जाम से राहत देने और पर्यटन को नई गति देने के लिए रोपवे परियोजना अपने अंतिम पड़ाव में है। आने वाले महीनों में रोपवे सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
मगर जिस गदौलिया में रोपवे का स्टेशन यात्रियों को उतारेगा, वहां बुधवार को महज 20-25 मिनट की बारिश ने विकास के दावों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। बनारस का दिल कहे जाने वाला गदौलिया घुटने से अधिक पानी में डूब गया। सड़क पर भरे पानी के बीच लोगों को आवागमन में परेशानी हुई और दुकानदारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एक तरफ करोड़ों रुपये की आधुनिक परिवहन व्यवस्था तैयार हो रही है और दूसरी तरफ उसके अंतिम पड़ाव पर ही जलनिकासी व्यवस्था बारिश के सामने बेबस नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नई व्यवस्था खड़ी करने से पहले शहर की पुरानी और जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए।
रोपवे से उतरेंगे, पानी में चलेंगे
गदौलिया सिर्फ शहर का एक चौराहा नहीं है। यह काशी के प्रमुख घाटों और पर्यटन क्षेत्रों की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु है। रोपवे शुरू होने के बाद यात्रियों की बड़ी संख्या यहां पहुंचेगी। स्टेशन से उतरने के बाद पर्यटकों को आसपास के बाजारों और घाटों की ओर जाना होगा। सामान्य बारिश में यदि यही रास्ता घुटने से अधिक पानी में डूबता रहा तो रोपवे की आधुनिक सुविधा का पहला अनुभव ही यात्रियों के लिए परेशानी भरा हो सकता है।
विदेशी पर्यटकों के सामने कैसी दिखेगी काशी
रोपवे के शुरू होने के बाद काशी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ने की उम्मीद है। कल्पना कीजिए, कोई विदेशी पर्यटक रोपवे से उतरता है और सामने घुटने से अधिक पानी भरी सड़क मिलती है। उसे इसी पानी से होकर घाटों तक पहुंचना पड़े तो काशी की आधुनिक होती तस्वीर के साथ यह दृश्य कितना विरोधाभासी होगा। पर्यटन नगरी की पहचान केवल बड़ी परियोजनाओं से नहीं, बल्कि पर्यटकों को मिलने वाली सहज और सुरक्षित सुविधाओं से भी बनती है।
नई परियोजना के साथ पुरानी व्यवस्था भी सुधरे
शहर के विकास में नई परियोजनाओं का अपना महत्व है। रोपवे यातायात और पर्यटन दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है। लेकिन इसके साथ सड़क, जलनिकासी, पैदल रास्ते और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी उसी गंभीरता से दुरुस्त करना जरूरी है। गदौलिया में थोड़ी देर की बारिश के बाद पानी का यह स्तर बताता है कि जमीन पर अभी काफी काम बाकी है।
बारिश ने पूछ लिया सीधा सवाल
20-25 मिनट की बारिश में जब शहर के सबसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र का यह हाल हो जाए तो यह सिर्फ जलभराव की समस्या नहीं रह जाती, बल्कि व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल बन जाती है। काशी को नई पहचान देने वाली परियोजनाओं के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पुरानी समस्याएं नई व्यवस्था की चमक को फीका न कर दें। रोपवे यात्रियों को हवा में सफर करा देगा, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलते ही अगर रास्ता पानी में डूबा मिला तो सवाल यही रहेगा क्या नई काशी तक पहुंचने के लिए पुरानी समस्याओं से होकर गुजरना पड़ेगा।
