वाराणसी, जागरण संवाददाता। गिरफ्तार किए गए लोहता के अलावल निवासी पीएफआइ सदस्य अब्दुल्ला सऊद अंसारी के इरादे बेहद खतरनाक थे। वह नौजवानों को बरगलाकर देश विरोधी गतिविधियों में लगाना चाहता था। दंगे भड़काना और चर्चित लोगों पर हमले कराना था। इसके लिए वह हर हथकंडा अपना रहा था। इसका खुलासा उससे 18 घंटे तक चली कड़ी पूछताछ में हुआ। लोहता पुलिस ने उसकी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दी। पकड़े जाने के बाद अब्दुल्ला सऊद को लोहता थाने लाया गया था। पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ने भी उसके नेटवर्क और इरादों को जानने के लिए पूछताछ की। देर तक वह इधर-उधर की बातें करता रहा लेकिन कड़ाई करने पर टूट गया।

केरल व लखनऊ में किया था पीएफआइ का कैंप

बताया कि उसने केरल में पीएफआइ का नौ दिन का कैंप किया था। इसमें हथियार चलाना सीखा। पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों से बचने के तरीके और किसी सदस्य के पकड़े जाने पर कानूनी मदद कैसे ली जाए इसकी जानकारी ली। लखनऊ में भी दो बार पीएफआई का कैंप किया था।

बीसीए की पढ़ाई, वीडियो बनाने में सिद्धहस्त

सऊद ने बीसीए (बैचलर इन कंप्यूटर अप्लीकेशन) की पढ़ाई की है। इससे वीडियो तैयार करना और उसे सर्कुलेट करना खूब जानता है। पकड़े जाने से पहले उसने अपने लैपटाप से तमाम वीडियो व मेल आदि डीलिट कर दिया था। विशेषज्ञों ने उसे रिकवर कर लिया। उसमें गुजरात समेत देश में हुए कई दंगों की वीडियो फुटेज थीं। इनके जरिए वह नौजवानों को भड़काता था। वाराणसी में पीएफआई से जुड़े लोगों में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा होने के कारण युवकों को अपने मकसद के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी इसकी थी। इसने दुल्हीपुर में भी पीएफआइ का नेटवर्क तैयार किया है।

Edited By: Anurag Singh

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