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काशी में त्रेतायुग के स्वर्णिम काल का किया साक्षात दर्शन, भरत मिलाप देखने उमड़े श्रद्धालु, भक्तों ने भाइयों पर की पुष्पवर्षा

By Saurabh AgrawalEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 23 Oct 2026 06:50 PM (IST)

वाराणसी के नाटी इमली मैदान में 529वें भरत मिलाप का आयोजन हुआ, जहाँ 14 वर्षों के वनवास के बाद प्रभु ...और पढ़ें

HighLights

  1. वाराणसी में 529वां भरत मिलाप महोत्सव नाटी इमली मैदान में आयोजित।

  2. 14 वर्षों बाद प्रभु श्रीराम और भरत का भावुक मिलन हुआ।

  3. पुष्पक विमान यात्रा में श्रद्धालुओं ने आरती कर पुण्य कमाया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सदियों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री 108 श्री मौनी बाबा रामलीला कमेटी के तत्वावधान में नाटी इमली मैदान में जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के बीच चारों भाईयों का मिलन हुआ। 14 वर्षों के विरह के बाद प्रभु श्रीराम और भाई भरत गले मिले तो इस नयनाभिराम दृश्य के साक्षी बने लोगों के नेत्रों से अश्रुधार निकल पड़ी।

सायंकाल 4.45 बजे भरत मिलाप के 529वें संस्करण में त्रेतायुग का स्वर्णिम काल जीवंत हो उठा। लीला की शुरूआत में संकटमोचन हनुमान जी भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी का संदेश लेकर नंदीग्राम पहुंचे। उन्होंने श्री भरत और शत्रुघ्न सहित अयोध्यावासियों को प्रभु के आगमन की पावन सूचना दी और तुरंत नाटीइमली भरत मिलाप मैदान के लिए प्रस्थान किया।

संदेश मिलते ही भरत जी और शत्रुघ्न जी अयोध्यावासियों के साथ विशेश्वरगंज स्थित अयोध्या भवन से भरत मिलाप चबूतरे की ओर बढ़ चले। अस्त होते सूर्य की सुनहरी किरणों के बीच जब श्री भरत और शत्रुघ्न जी ने भरत मिलाप चबूतरे पर साष्टांग दंडवत करते हुए प्रवेश किया तो उस अद्भुत पल को निहार श्रद्धालु खुद को धन्य महसूस करने लगे।

इस अलौकिक दृश्य को देख मर्यादा पुरुषोत्तम राम और लक्ष्मण पुष्पक विमान से दौड़ते हुए आगे आए और अपने छोटे भाइयों को प्रेम से गले लगा लिया। भाइयों के इस आत्मीय मिलन से पूरा मैदान राममय हो गया। मानों साक्षात अयोध्या काशी में उतर आई हो। चहुंओर गूंजते जय श्रीराम, हर हर महादेव के जयकारों और पुष्प वर्षा के बीच स्थानीय श्रद्धालुओं ने सभी स्वरूपों को पुष्पक विमान पर आसीन किया।

इसके बाद परंपरा के अनुसार यादव बंधुओं और उत्साही श्रद्धालुओं ने पुष्पक विमान को अपने कंधों पर उठाया और बगवावीर, डीएवी, दारानगर, महामृत्युंजय और विशेश्वरगंज होते हुए अयोध्या भवन तक की यात्रा तय की।

मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पुष्पक विमान पर विराजमान चारों भाइयों की आरती उतारकर पुण्य लाभ कमाया। कमेटी के महंत पं. श्रीराम शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान लोकेश गुप्त, जितेन्द्र सिंह, श्रीप्रकाश श्रीवास्तव 'गणेश जी', प्रमोद गिरि, विनोद सोनी, बद्री प्रसाद, कृष्णा सेठ, श्रीकांत शर्मा, राकेश शर्मा, कन्हैया लाल सेठ मौजूद रहे।