वाराणसी के महालक्ष्मी मंदिर में उमड़ी आस्था, सोरहिया मेले के समापन से पहले दर्शन को पहुंचे हजारों भक्त
वाराणसी के लक्सा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सोरहिया मेले के समापन से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, विशेषकर महिलाएं ...और पढ़ें
HighLights
महालक्ष्मी मंदिर में सोरहिया मेले के समापन से पहले भारी भीड़।
महिलाएं संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना कर रही हैं।
जितिया पर्व 3 अक्टूबर को, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। लक्सा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में गुरुवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त गर्भगृह में विराजमान महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली के दर्शन के लिए टोकरी में चुनरी, नारियल और प्रसाद लेकर कतारों में खड़े नजर आए। भाद्रपक्ष अष्टमी से शुरू होने वाला प्रसिद्ध सोरहिया मेला 16 दिनों तक चलता है, जिसकी पूर्णाहुति जीवित्पुत्रिका व्रत के साथ होती है।
इस वर्ष जितिया पर्व 3 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जाएगा। इससे ठीक एक दिन पहले बड़ी संख्या में महिलाएं सुख समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना लेकर मंदिर पहुंच रही हैं। मान्यता है कि सोरहिया मेले में महालक्ष्मी के दर्शन से संतान सुख और समृद्धि मिलती है।
मंदिर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। भक्तों की संख्या में वृद्धि के कारण प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सोरहिया मेला वाराणसी का एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो भक्तों के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। इस मेले में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। भक्तों का मानना है कि इस मेले में महालक्ष्मी के दर्शन से उन्हें विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। महिलाएं विशेष रूप से इस अवसर पर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान सुख की कामना करती हैं। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया जाता है।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि सोरहिया मेले का आयोजन हर वर्ष भाद्रपक्ष अष्टमी से शुरू होता है और यह 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी भक्तों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।
