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माओवादी संगठन टीएसपीसी के मुखिया बृजेश गंझू की पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू

By Ashok Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 04:47 PM (GMT+05:30)

वाराणसी के रामनगर में माओवादी संगठन टीएसपीसी के मुखिया बृजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत के बाद मजिस्ट्रीयल जांच शुरू ...और पढ़ें

माओवादी बृजेश गंझू की मौत पर वाराणसी में मजिस्ट्रीयल जांच शुरू, पारदर्शिता पर जोर।

माओवादी बृजेश गंझू की मौत पर वाराणसी में मजिस्ट्रीयल जांच शुरू, पारदर्शिता पर जोर।

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। माओवादी की बीते द‍िनों वाराणसी के रामनगर में मुठभेड़ में मौत के बाद अब जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 20 सितंबर को रात्रि में मुठभेड़ के दौरान माओवादी संगठन टीएसपीसी के मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता निवासी लूट्ट थाना लवांलांग, जिला चतरा, झारखंड की मृत्यु की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) द्वारा की जा रही है।

अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने बताया कि इस मामले में यदि किसी व्यक्ति विशेष के पास कोई जानकारी हो या वह साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहते हों, तो वे 24 अक्टूबर तक अपने सबूत या साक्ष्य उनके न्यायालय में उपस्थित होकर लिखित या मौखिक रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं।

यह जांच इस घटना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, ताकि सभी तथ्यों को सही तरीके से सामने लाया जा सके। बृजेश गंझू की मृत्यु की घटना ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और इस जांच के माध्यम से उन सवालों के जवाब खोजने का प्रयास किया जाएगा।

मुठभेड़ की घटना के बाद से ही स्थानीय समुदाय में चिंता और चर्चा का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। मजिस्ट्रीयल जॉच के तहत सभी संबंधित पक्षों को सुनने का अवसर दिया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि न्याय का सही तरीके से पालन हो।

इस प्रकार की जांचें आमतौर पर गंभीर मामलों में की जाती हैं, जहां किसी व्यक्ति की मृत्यु पुलिस कार्रवाई के दौरान होती है। यह प्रक्रिया न केवल न्यायिक प्रणाली की पारदर्शिता को बढ़ावा देती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गलतफहमी को दूर किया जा सके।

यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राज्य स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने सभी संबंधित व्यक्तियों से अपील की है कि वे इस जॉच में सहयोग करें और अपने साक्ष्य प्रस्तुत करें, ताकि न्याय की प्रक्रिया को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।