वाराणसी, जेएनएन । देवदीपावली के अनोखे आयोजन को देखने के लिए विदेशियों की संख्या काफी रही। शहर होटल, लॉज में इनकी उपस्थित इस बात की गवाह रही कि आयोजन के प्रति इनका उत्साह कितना है। होटल व गाइड संगठनों के अनुसार करीब 45 से 50 हजार विदेश पर्यटक शामिल हुए। इसमें ज्यादातर यूरोपियन रहे। आयोजकों के अनुसार दीपोत्सव के लिए विदेशी पर्यटकों की संख्या तीन गुना ज्यादा रही। 

काशी को लेकर यूं तो विदेशियों में हमेशा से ही उत्सुकता बनी रही। यहां आना और धरोहरों व संस्कृति को समझने की कोशिश करते हैं। घाटों पर देवदीपावली आयोजन को अपने कैमरे में कैद करते विदेशी दिखाई देते रहे। आयोजन में दूसरी बार पेरिस से आए पीटर जानसन व लोनी ने कहा कि बहुत आनंद आता है। इसकी भव्यता देखना सौभाग्य की बात है। दुनिया में ऐसा कार्यक्रम कहीं नहीं होता है। गत वर्ष आए थे तो मन आनंदित हो गया। इसलिए पुन: आ गए। देवादीपावली को देखने के लिए जापान से आए कोमिको व चींग के कहा कि सांस्कृतिक विरासत देखना रोचक रहा। एक सप्ताह के टूर पर काशी आए हैं और यहां के कई पक्षों को देखना व समझना है। गंगा तट पर भव्य आयोजन और इतनी भीड़ ने हमें रोमांचित कर दिया है। यह यादगार पल बन गया। 

बोले कारोबारी : अक्टूबर से लेकर मार्च तक विदेशी पर्यटक यहां आते हैं। इस बार तो कई आयोजन लगातार होने से इनकी उपस्थिति लगातार बढ़ती ही जाएगी। देवदीपावली के बाद प्रयागराज में कुंभ मेला देखकर काशी आएंगे या यहां से होकर जाएंगे। बनारस में यूरोप व बुद्ध सर्किट वाले देशों के पर्यटक सबसे ज्यादा आते हैं। - गोकुल शर्मा, महामंत्री, बनारस होटल एसोसिएशन।

Posted By: Abhishek Sharma

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