उत्तर प्रदेश में चक्रवात कराने जा रहा है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया है अलर्ट, जान लें ताजा अपडेट
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान 'अर्नब' में बदल गया है, जिससे पूर्वांचल सहित मध्य उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' से यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, वाराणसी। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से चक्रवातीय हालात शुरू होने जा रहे हैं। बादलों की सक्रियता और बादलों की आवाजाही के बीच पूर्वांचल सहित मध्य उत्तर प्रदेश में गरज चमक के साथ ही तेज बारिश और ओलावृष्टि की सूरत भी बनने जा रही है। इसके पीछे बंगाल की खाड़ी में बन रहे हालात जिम्मेदार माने जा रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से इस बाबत सोमवार को अलर्ट भी जारी किया गया है।
वहीं जिन किसानों की धान की फसल तैयार होने को है उन किसानों को इस चक्रवात से व्यापक नुकसान हो सकता है। जबकि त्योहारी सीजन में अगर यह असर दीपावली तक टिक गया तो कारोबार और त्योहार दोनों पर व्यापक असर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं आशंका में किसानों को ही सर्वाधिक नुकसान झेलने का अनुमान है। जबकि सब्जियों की तैयार हो रही खेती में पानी खलल डालकर नुकसान और महंगाई का तड़का आगे भी लगा सकती है।

सोमवार की सुबह मौसम विभाग ने दो तस्वीरों को जारी कर बताया है कि मौसम विभाग की ओर से दो तस्वीरें में पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 15 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।
बताया कि यह और अधिक तीव्र होकर चक्रवाती तूफान "अर्नब" ('ओरनाब') में बदल गया है। 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 05:30 बजे यह पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर, 15.4°N अक्षांश और 88.9°E देशांतर के पास स्थित था। जो अब धीरे धीरे पश्चिम की ओर होता हुआ तट के क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। टकराने के बाद इसके उत्तर की ओर उड़ीसा, छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वांचल के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल होने का अनुमान जताया गया है।
फिलहाल यहां है चक्रवात
यह स्थान श्री विजय पुरम (अंडमान द्वीप समूह) से लगभग 590 किमी उत्तर-पश्चिम में, गोपालपुर (ओडिशा) से 610 किमी दक्षिण-पूर्व में, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 730 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 830 किमी पूर्व में और बापटला (आंध्र प्रदेश) से 910 किमी पूर्व में है।

इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और आज, 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। 27 अक्टूबर को इसी क्षेत्र में यह और अधिक तीव्र होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले सकता है।
चक्रवात होगा अधिक प्रभावी
इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 28 अक्टूबर, 2026 की सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों पर, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरने की संभावना है। उस समय यह एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में होगा, जिसमें हवा की निरंतर गति 115-125 किमी प्रति घंटा होगी, और हवा के झोंकों की गति 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद गति पकड़कर माह के अंत तक या नवंबर माह की शुरुआत तक उत्तर प्रदेश में दाखिल हो सकता है।
