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वाराणसी में 308 पहियों के 'मेगाट्रक' पर लदा ब्‍वायलर पुल के बीम से टकराया, पुल का हिस्सा टूटा तो मची अफरा-तफरी

By Rajesh GuptaEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 12:55 PM (IST)

वाराणसी में बेल्जियम से लखीमपुर खीरी जा रहा 308 पहियों वाला 200 टन वजनी बॉयलर पुल के बीम से टकरा ...और पढ़ें

HighLights

  1. 308 पहियों वाला 200 टन वजनी बॉयलर पुल से टकराया।

  2. टक्कर से पुल का बीम टूटा, स्थानीय लोगों में दहशत फैली।

  3. चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला, मार्ग बदला गया।

जागरण संवाददाता (बड़ागांव) जागरण संवाददाता। बेल्‍ज‍ियम से समुद्र मार्ग से चलकर उड़ीसा के पोर्ट से होता हुआ लखीमपुर खीरी के कुंभी स्‍थ‍ित बलरामपुर चीनी म‍िल के ल‍िए 308 चक्‍कों वाले मेगा ट्रक पर न‍िकला 200 टन का ब्‍वायलर बचते बचाते आख‍िरकार वाराणसी में पुल के बीम से टकरा गया। इतना भारी वजन से टक्‍कर होने के कारण बीम का टुकड़ा नीचे आ ग‍िरा तो आनन फानन ट्रक की गत‍ि को थाम कर टुकड़ों को हटाया गया। 

स्‍थानीय लोगों के अनुसार पुल‍ के बीम से टकराने के बाद वहां टुकडे़ ग‍िरे तो एक बारगी लोग दहशत में आ गए। दरअसल गुरुवार की सुबह कोइराजपुर अंडरपास से 308 पहियों वाला 200 टन वजनी वेसल वैक्यूम बायलर संदहा की ओर जाने के लिए धीरे-धीरे रवाना हुआ। जैसे ही ट्रेलर हरहुआ रिंगरोड चौराहे के पास पहुंचा, ट्रेलर की ऊंचाई अधिक होने के कारण विपरीत दिशा से निकलते समय ट्रेलर के ऊपर रखा वेसल वैक्यूम ब्‍वायलर पुल के नीचे निकले बीम से टकरा गया। इस टकराव में बीम का थोड़ा सा हिस्सा टूट गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई।

यदि ट्रेलर को समय पर रोका नहीं गया होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। इस बीच, ट्रेलर के साथ चल रहे कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेलर को रोक दिया और उसे पुनः बाबतपुर वाराणसी मार्ग से विपरीत दिशा से भेलखा कट के पास से हरहुआ रिंगरोड चौराहा क्रॉस कराते हुए संदहा के लिए रवाना किया। हालांक‍ि सप्‍ताह भर बाद भी यह गाजीपुर तक नहीं पहुंच सका है। 

इस घटना ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया, क्योंकि ट्रेलर का वजन और आकार दोनों ही काफी बड़े थे। ट्रेलर के चालक और कर्मचारियों की तत्परता ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी लेते हुए सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस प्रकार की घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब भारी वाहनों का संचालन किया जाता है, विशेषकर जब वे संकीर्ण या ऊंचे पुलों के नीचे से गुजरते हैं।

इस घटना के दौरान ट्रेलर के चालक और उनके सहकर्मियों ने सही निर्णय लेते हुए समय पर कार्रवाई की, जिससे किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान से बचा जा सका। इस घटना ने यह भी स्‍पष्‍ट क‍िया है क‍ि भारी वाहनों के संचालन में सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। इस प्रकार की घटना यातायात को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती हैं।