‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आए 55 सदस्यीय दल ने राज्यपाल से की मुलाकात
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' युवा संगम कार्यक्रम में केरल के दल से मुलाकात की और युवाओं ...और पढ़ें

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' युवा संगम में राज्यपाल ने युवाओं को कौशल और उद्यमिता अपनाने को प्रेरित किया।
HighLights
राज्यपाल ने युवाओं को स्वरोजगार व उद्यमिता अपनाने को कहा।
युवा संगम दल ने उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
महिलाओं के सशक्तिकरण और शैक्षिक विकास पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से सरकारी नौकरी तक सीमित न रहकर अपने कौशल और रुचि के अनुसार रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्यमिता की राह अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक कौशल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ दूसरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने में भी मदद करता है।
राज्यपाल ने जन भवन में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत युवा संगम कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आए 55 सदस्यीय दल से मुलाकात की। आईआईटी पलक्कड़, केरल के नेतृत्व वाले दल में 50 विद्यार्थी और पांच शिक्षक शामिल हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आतिथ्य में यह दल 22 से 28 अक्टूबर, 2026 तक प्रदेश के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहा है।
विद्यार्थियों से बातचीत में राज्यपाल ने यात्रा के अनुभवों और उनसे मिली सीख के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने अवलोकनों पर लेख लिखें और परिवार, मित्रों तथा सहपाठियों से चर्चा करें। विभिन्न राज्यों की संस्कृति, व्यवस्थाओं और विकास प्रयासों का अध्ययन कर अनुभव अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की परंपराओं और सामाजिक जीवन को समझने तथा यहां से नई सीख लेकर लौटने को कहा।
राज्यपाल ने 25 अक्टूबर, 2026 को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला नेतृत्व वाले विकास और कौशल पर आधारित गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाई के उद्घाटन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर स्थानीय स्तर पर रोजगार पा सकती हैं। वाराणसी में भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगेज’ एयर शो का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्राओं को सशस्त्र सेनाओं समेत विभिन्न सेवाओं में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 विश्वविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में ए-प्लस और ए-प्लस-प्लस श्रेणी मिली है। एनआईआरएफ में प्रदेश के सात विश्वविद्यालयों और विभिन्न विभागों ने स्थान पाया है। विश्वविद्यालयों में शिक्षा के साथ कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है। टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भी प्रदेश के विश्वविद्यालय अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सीमित संसाधनों में दो बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने नौकरी के साथ पढ़ाई पूरी की। कठिनाइयों से घबराने के बजाय दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास से उनका सामना करना चाहिए।
जन भवन के आदर्श माध्यमिक विद्यालय में वंचित परिवारों के 450 बच्चे पढ़ते हैं। उन्हें पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्केटिंग, जूडो, कराटे और बैंड का प्रशिक्षण मिलता है। परिसर में पंचतंत्र वन, नक्षत्र एवं राशि वन और मियावाकी वन सहित 10,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। यहां करीब 40 गायें और बछड़े भी हैं। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़कर वहां बच्चों की पढ़ाई में सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय जाने, अच्छी किताबें पढ़ने, सकारात्मक सोच रखने और माता-पिता तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी। केरल के दल ने काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, अयोध्या धाम, तीर्थराज प्रयाग और विंध्याचल धाम का भ्रमण किया है।
