काशी सुमेरु पीठ में स्थापित होगा 511 किलोग्राम का स्फटिक शिवलिंग व 111 किलोग्राम का श्रीयंत्र
आद्य शंकराचार्य जयंती पर वाराणसी के काशी सुमेरु पीठ में अगले वर्ष तक 511 किलोग्राम का स्फटिक शिवलिंग और 111 ...और पढ़ें

काशी सुमेरु पीठ में स्थापित होगा विशाल स्फटिक शिवलिंग और श्रीयंत्र।
HighLights
अगले वर्ष तक स्फटिक शिवलिंग, श्रीयंत्र स्थापित होगा।
आद्य शंकराचार्य जयंती पर पीठाधीश्वर ने की घोषणा।
वाराणसी के काशी सुमेरु पीठ में भव्य अनुष्ठान।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। आद्य शंकराचार्य जयंती पर अगले वर्ष तक असि क्षेत्र स्थित डुमरांव बाग कालोनी में स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम् श्रीकाशी सुमेरु पीठ में 511 किलोग्राम का स्फटिक शिवलिंग व 111 किलोग्राम का श्रीयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संकल्प बुधवार को आद्य शंकराचार्य की 2533वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य धार्मिक अनुष्ठान में पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि अद्वैत वेदांत के सर्वोच्च प्रवर्तक थे, जिन्हें भगवान शिव का साक्षात अवतार माना जाता है। उन्होंने अत्यंत कम आयु में संपूर्ण भारत का भ्रमण कर सनातन वैदिक धर्म की पुनर्स्थापना की और समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की। उनके द्वारा स्थापित अद्वैत दर्शन आज भी मानव जीवन को सत्य और आत्मबोध की ओर प्रेरित करता है।
पीठ में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ भोर में चार बजे हुआ, जिसमें ललिता त्रिपुर सुंदरी सहस्त्रार्चन का विशेष आयोजन किया गया। ललिता त्रिपुर सुंदरी के मंत्रों के साथ पंचामृत से आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का भव्य महाअभिषेक किया गया। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया और धर्म, संस्कृति और वैदिक परंपराओं की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।
