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वाराणसी के चोलापुर सीएचसी में बने 50 शैय्या अतिरिक्त भवन का नहीं हो सका शुभारंभ

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 14 Sep 2026 11:09 AM (IST)

वाराणसी के चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 शैय्या वाले अतिरिक्त भवन का उद्घाटन होने और उपमुख्यमंत्री के निर्देश के ...और पढ़ें

चोलापुर सीएचसी का 50 शैय्या भवन उद्घाटन के बाद भी बंद, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ।

चोलापुर सीएचसी का 50 शैय्या भवन उद्घाटन के बाद भी बंद, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ।

HighLights

  1. चोलापुर सीएचसी का 50 शैय्या अतिरिक्त भवन अब तक निष्क्रिय।

  2. उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद भवन का शुभारंभ नहीं हुआ।

  3. आवश्यक सुविधाओं की कमी से मरीजों को इलाज में परेशानी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर में मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए बनाए गए 50 शैय्या अतिरिक्त भवन का शुभारंभ अब तक नहीं हो सका है। 18 जुलाई को निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वाराणसी के अपर निदेशक और सीएमओ को एक सप्ताह के अंदर इसे चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 13 सितंबर तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई। मरीज सुविधाओं से वंचित रह रहे हैं।

पूर्वांचल की पहली सीएचसी चोलापुर में रोजाना 800 से 1000 नए मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। भीड़ को देखते हुए 57 बेड से बढ़ाकर कुल 107 शैय्या युक्त बनाने के लिए अतिरिक्त भवन का निर्माण किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 अप्रैल 2026 को इसका उद्घाटन किया था। कार्यदायी संस्था ने भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया है।

विद्युत आपूर्ति और जनरेटर कनेक्शन पूरा हो चुका है, लेकिन बेड-गद्दा, स्टैंड, साइड लाकर, बैठने की कुर्सियां, वार्डों में एसी और आक्सीजन पाइपलाइन जैसी छोटी-छोटी सुविधाएं नहीं जुटने से भवन ताला लगाकर खाली पड़ा है। चिकित्सा अधीक्षक डा. आरबी यादव ने बताया कि सीएमओ को सामग्री की मांग भेज दी गई है।

उन्होंने 15 बेड रखवाए हैं। जैसे ही शेष व्यवस्था पूरी होती है, अस्पताल मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। फिजिशियन डाक्टर की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मौसम में मरीजों की संख्या और बढ़ जाती है, फिर भी कई मामलों में मरीजों को 15 किलोमीटर दूर जिलास्तरीय चिकित्सालय रेफर करना पड़ता है।

यह विशेषज्ञ डाक्टर अभी दे रहे सेवा

अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना व डा. गायत्री, बाल रोग विशेषज्ञ डा. आकांक्षा सिंह व डा. संतोष सिंह यादव, दंत चिकित्सक डा. अमित जैन, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. कैलाश श्रीवास्तव और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डा. देवेंद्र दत्त यादव उपलब्ध हैं। फार्मासिस्ट भानु प्रकाश चौरसिया और जितेंद्र यादव भी तैनात हैं, लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन चालू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।