वाराणसी : स्मार्ट सिटी वाराणसी को पशु मुक्त करने की कवायद के तहत नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। चौक क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए खूंटे से पशुपालकों के 40 मवेशी खोल ले गए। खटाल में घुसकर हुई सख्ती से पशुपालकों में हड़कंप मच गया। उन्होंने विरोध शुरू किया और चौक थाने का घेराव कर दिया। इतना ही नहीं अफसरों के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर भी चौक थाने में दर्ज कराई।

हाईकोर्ट के आदेश पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई की बाबत 30 जून तक कोर्ट को अवगत कराना है। इसके लिए नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बड़ी योजना बनाई। पहले पांच सौ से अधिक पशुपालकों को नोटिस दिया। इसके बाद कुछ पर जुर्माना लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराया। आदेशित किया कि वे चोलापुर में बने कैटल कालोनी में जाकर पशुपालन करें या फिर ग्रामीण क्षेत्र में खुद का इंतजाम कर लें। इसके बाद भी बहुत से पशुपालकों ने आदेशों की अवहेलना की तो मजबूरन उन्होंने फोर्स की मांग की जिसमें पीएसी व सीआरपीएफ की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी सुझाव दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में चले अभियान के दौरान भारी फोर्स मौजूद थी। इसमें महिला पुलिस भी शामिल थीं। सुबह 11 बजे अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में अभियान शुरू हुआ। गढ़वासी टोला के विजय यादव, मणिकर्णिका घाट के साजन यादव, छोटा ब्रह्मानाल के प्रकाश यादव के मवेशियों को जब्त कर लिया गया। कुल 40 जानवर जब्त किए गए। अभियान दोपहर साढ़े 12 बजे बंद हो गया। इसके बाद जब्त मवेशियों को कांजी हाउस भेज दिया गया। पशुपालकों का कहना था कि कुछ मवेशी गर्भ से हैं तो कुछ बीमार। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों को रहम नहीं आया। पशुपालकों ने शाम को नगर आयुक्त कैंप कार्यालय पर भी जुटान की। कार्रवाई को लेकर नगर आयुक्त से वार्ता हुई। नगर आयुक्त ने नियमों का हवाला देते हुए उनको शहर से बाहर जाने के लिए निर्देशित किया। कहा कि हलफनामा के साथ जुर्माना देने पर ही मवेशियों को छोड़ा जाएगा।

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Posted By: Jagran

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