वाराणसी, जागरण संवाददाता। प्रचार-प्रसार के अभाव में वाराणसी विकास प्राधिकरण की 35 सम्पत्तियां नहीं बिक रही हैं, जबकि यह सभी सम्पत्तियां नगरीय क्षेत्र में हैं। अब इन सम्पत्तियों को वीडीए ने ‘प्रथम आगत, प्रथम स्वागत’ के तहत बेचने का निर्णय लिया है। अर्थात, जो भी इन सम्पत्तियों के लिए पहले आवेदन कर देगा उसी को यह सम्पत्तियां बेच दी जाएंगी।

रामनगर आवासीय योजना में 17 ईडब्ल्यूएस आवास बने हैं। वीडीए के अपर सचिव व एसडीएम विनोद सिंह बताते हैं कि इन आवासों के सामने 80 फीट की सड़क बनी है बावजूद उसके खरीदार नहीं मिल रहे थे तो अब उन्हें प्रथम आगत, प्रथम स्वागत के तहत बेचने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के पांच व 20 तारीख को इसको बेचने की प्रक्रिया होगी। उधर, चांदमारी के लैंडमार्क टावर द्वितीय व तृतीय चरण के आवासीय योजना में भी 16 आवास तीन बेडरूम वाले और दो आवास दो बेडरूम वाले खाली पड़े हैं। अगर यह सभी आवास बिक जाएंगे तो एक मुश्त 20 करोड़ का राजस्व वीडीए को मिल जाएगा।

बता दें कि पहले इन आवासों को ई-आक्शन के जरिए बेचा जा रहा था लेकिन इन्हें अब इन्हें वीडीए की ओर से निर्धारित न्यूनतम मूल्य पर उन लोगों को बेच दिया जाएगा जो पहले आएंगे।

वीडीए के दो जेई का ट्रांसफर, एक जेई मिला भी : वाराणसी विकास प्राधिकरण से दो जेई का ट्रांसफर गैर विकास प्राधिकरणों में हो गया है। मानचित्र का काम देख रहे इन दोनों अभियंताओं के स्थानांतरण के साथ ही एक अभियंता वीडीए को मिला भी है। हालांकि इन सबके बावजूद भी अब भी स्वीकृत पद के हिसाब से अभियंताओं की संख्या करीब आधी ही है। शासन स्तर से जिन अभियंताओं का ट्रांसफर हुआ है उनमें आईए हाशमी का स्थानांतरण प्रयागराज विकास प्राधिकरण जबकि जमाल अंसारी का स्थानांतरण लखनऊ विकास प्राधिकरण हुआ है। बगेदन राम के रूप में वीडीए को एक जेई मिले हैं।

Edited By: Abhishek Sharma