वाराणसी : सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के एक से बढ़कर एक किस्से सामने आते रहे हैं लेकिन एक अजीबो-गरीब लापरवाही का मामला सामने आया है। डाक विभाग के जरिए पत्र जो सप्ताह भर में गंतव्य तक पहुंच जाने चाहिए वे पत्र महीनों से उपडाक घर में ही पड़े हुए हैं। मामला कठिरांव डाकघर से संबद्ध ताड़ी उपडाक घर का है। यहां पर पिछले 13 महीने 250 चिट्ठी व 118 आधार कार्ड बांटे ही नहीं गए। शुक्रवार को दोपहर हुई शीर्ष अफसरों की छापेमारी में पूरा मामला पकड़ में आया। फिलहाल शाखा डाकपाल को चार्जशीट जारी की गई है, अब उसे निलंबित करने की तैयारी आरंभ हो चुकी है।

इसके अलावा कैश बॉक्स की जांच में 18 हजार रुपये कम पाए गए हैं, उसकी अब अलग से वित्तीय जांच शुरू कराई गई है। जब यह छापेमारी की कार्रवाई की गई तो आरोपित शाखा डाकपाल भाग खड़ा हुआ। बाद में डाक अधिकारियों को पुलिस बुलानी पड़ी तो डाकपाल से जवाब तलब किया गया।

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दो बोरियों में मिले पत्र : बिना बंटे आधार कार्ड दो बोरियों में बरामद हुए हैं, इसमें कई स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री भी हैं। डाक अधीक्षक पश्चिमी मंडल प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि चार्जशीट जारी हुई है, डाकघर में गंदगी के साथ वर्षो पुराने आयुर्वेदिक दवाएं भी रखी मिलीं हैं, पूरे कमरे में गंदगी का अंबार है। इस प्रकरण में बरामद पत्रों का वितरण शीघ्र कराने का निर्देश जारी किया गया है।

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पोस्टमैन नहीं है इसलिए नहीं बंटे पत्र : करीब 13 महीने से पत्र और आधार कार्ड क्यों नहीं बंट रहे हैं। इस पर पोस्ट मास्टर फुंदन पटेल का कहना है कि इस डाकघर में पत्र वितरित करने के लिए कोई पोस्ट मैन नियुक्त नहीं है। इसकी वजह से पत्र वितरित नहीं किया गया।

Posted By: Jagran