वाराणसी, जेएनएन। श्रीकाशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से संचालित अन्नपूर्णा ब्रह्मचर्य आश्रम गुरुवार को लोकाचारी मंगल गीतों से गूंजा। इसमें शहनाई की तान घुली और वेद मंत्र भी आ घुले। ऐसे दिव्य माहौल में 25 जोड़ों ने धन- धान्य की अधिष्ठात्री मां अन्नपूर्णेश्वरी को साक्षी मान कर सात फेरे लिए। श्रीकाशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से यहां सामूहिक विवाह उत्सव और उपनयन संस्कार का आयोजन किया गया था। इसमें सुबह 200 बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार और हवन -यज्ञ के बीच यज्ञोपवीत कराया गया। दोपहर में मुहूर्त अनुसार जोड़े मंडप में बैठे और विवाह के गीत गूंज उठे।

लाल जोड़े में वधुएं तो दूल्हे भी सूट या शेरवानी में सजे-संवरे नजर आए। ट्रस्ट की ओर से अपनी बिटिया के विवाह की तरह 21 वैदिक ब्राह्मणों से रस्में पूरी कराई तो उपहार स्वरूप स्वर्णा भूषण, गृहस्थी के जरूरी सामान व एक माह का राशन भेट किया। ट्रस्ट के एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी जनार्दन शर्मा ने कन्यादान किया। मुख्य न्यासी महंत रामेश्वर पुरी समेत संत-महंत व नगर के विशिष्ट जनों ने नवयुगलों को मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया। इसमें महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर सीईओ विशाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर व रवींद्र जायसवाल समेत विशिष्टजन शामिल थे। वर-वधू पक्ष की ओर से आमंत्रितों के लिए भोज व संगीत का भी आयोजन किया गया। आभार प्रकाश मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा और बाबा जी, राकेश तोमर, जीवनंदन झां, मिंटू आदि ने संयोजन में सहयोग किया।

माथे मऊरा बांध के अइलें दुलरु दामाद हो

काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आयोजित सामूहिक उपनयन संस्कार व विवाह समारोह में वैवाहिक शगुन केगीत, गारी व बधाई गीत गूंजे। गीतकार कन्हैया दूबे केडी लिखित गीतों को डा. अमलेश शुक्ल अमन ने स्वर दिया। माथे मऊरा बांध के अइलें दुलरु दामाद हो.., हथवा में चाउर लेके गरवा.., चारो दूल्हा मे बड़का.., अन्नपूर्णा ट्रस्ट आज निहाल सखिया.. आदि गीतों से विभोर किया। आस्था शुक्ला ने दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है.., बन्नो तेरी अंखिया सुरमेदानी.., बाबुल की दुवाएं लेती जा.. समेत गीतों से मुग्ध किया। तबले पर दीपक सिंह, ढोलक पर नसीम, आर्गन पर रंजन, पैड पर विवेक ने साथ दिया।

फ्रांस के युगल ने अग्नि  को साक्षी मान लिए फेरे

फ्रांस के लोध्रियां व उनकी महिला मित्र मारीन का मन भारतीय संस्कृति में कुछ इस तरह रमा की विवाह के लिए उन्हें सनातनी संस्कार ही जमा। दो साल पहले लिए संकल्पों के साथ, जोड़े हाथ से हाथ दोनों ने गुरुवार को शिवाला घाट स्थित सूर्योदय हवेली में अग्नि को साक्षी मान सस्वर वेद मंत्रों के बीच फेरे लिए। देवाधिदेव महादेव से मंगलयमय जीवन का आशीष भी मांग लिया। फ्रांस के कृषि विभाग से जुड़े लोध्रियां व बीमा क्षेत्र में कार्यरत मारीन वैसे तो कई बार काशी आए लेकिन दो साल पहले यहां आने पर सनातनी पद्धति से विवाह का संकल्प ले लिया। भारत आने का समय न मिला और दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहे। इस बीच मारीन ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसका दोनों ने दर्शन नामकरण किया। विवाह के दौरान उनका 14 माह का बेटा भी इसमें दोनों पक्षों से भागीदार रहा। लोध्रियां ने कहा कि भगवान शिव की नगरी में विवाह करने के अनुभव को सिर्फ महसूस कर सका हूं, इसे शब्दों में बता पाना मुश्किल है। विवाह संयोजन में टूरिस्ट गाइड डा. अनिल कुमार चतुर्वेदी ने सहयोग किया। 

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