जागरण संवाददाता, वाराणसी: गाजीपुर में पर्यटन विकास के लिए लगभग 14 करोड़ की योजना वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में बनाई गई थी। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को शासन द्वारा कार्य आवंटित किया गया था। जिसमें भारी अनियमितता, कार्य मानक के अनुरूप न कराए जाने की शिकायत शासन से की गई थी। इसको संज्ञान में लेते हुए संयुक्त निदेशक पर्यटन वाराणसी एवम विंध्याचल मंडल अविनाश चंद्र मिश्र ने अगस्त 2017 को लोक निर्माण विभाग गाजीपुर एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग गाजीपुर के अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया।

पांच परियोजनाओं में लगभग सात करोड़ का गबन पाया गया। इस मामले में गहमर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। शासन के निर्देश पर ईओडब्ल्यू वाराणसी ने जांच किया तो इस मामले में कुल 25 लोगों का नाम सामने आया। इसमें उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक डीपी सिंह सहित एई और जेई, लेखाकार,कोषागार सहित कुल सात लोग दोषी पाए गए। इनमें से डीपी सिंह की मृत्यु हो गई है।

इसके अलावा 18 ठेकेदार, सप्लायर जो कि आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, लखनऊ, प्रयागराज सहित बिहार के शामिल है। कुल 25 दोषियों में से 4 की गिरफ्तारी हो गई है। चार दोषियों ने कोर्ट से स्टे लिया है। दो की मौत हो गई है। 15 अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है।

इन कामों में मिली अनियमितता

-गाजीपुर देवकली स्थल का पर्यटन विकास।

-गाजीपुर में कामाख्या धाम का पर्यटन विकास।

-गाजीपुर भदौरा में परेगनशाह का तालाब का पर्यटन विकास।

-गाजीपुर में किनाराम स्थल देवल का पर्यटन विकास।

-गाजीपुर सेवराई स्थित चीरा तालाब का पर्यटन विकास।

Edited By: Saurabh Chakravarty