बलिया : बलिया स्थित रेवती और मऊ में घाघरा के जलस्तर मे वृद्धि के साथ तटवर्ती ग्रामीणो की धड़कने बढ़ती जा रही हैं। टी एस बंधा के डेंजर जोन तिलापुर मे नदी के दबाव को देखते हुए तटवर्ती ग्रामीण रात मे रतजगा कर स्वयं बंधे की निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार को चादपुर मे घाघरा ने खतरे के लाल निशान 58 मी से 58.23 यानी 23 सेमी ऊपर बह रही है।

डेंजर जोन में नदी ने पहले से बंधा पर अपनी मजबूत पकड़ बना रखा है। वर्षा से पूर्व इस पर मरम्मत का कार्य भी पूर्ण नही हो पाया है। खतरा उत्पन्न होने पर फ्लड फाइटिंग के लिए जहां पर्याप्त मात्रा मे बालू भरी बोरी, बोल्डर, जाली और बालू का स्टाक होना चाहिए, वहां नाम मात्र के लिए 1000 बोरी बालू भरी बोरी का स्टाक रखा गया है।

तटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि कि डेंजर लेबल पार करने के बाद बंधे पर लाईट, प्रकाश व जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, वह अभी तक नही हो पाया है। ऐसे मे बंधे की सुरक्षा राम भरोसे है।

नदी के जलस्तर मे वृद्धि होने के साथ बंधे के उत्तर फ्लड जोन मे परवल के सैकड़ों एकड़ खेत पानी मे डूब गए है। नालों व छाड़न में भरने के बाद पानी बंधे के समीप आता जा रहा है। फ्लड जोन मे बसे धूपनाथ व बैजनाथ के डेरा के लोगों को बंधे तक आने जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वशिष्ठनगर के पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बंधे तक आने जाने के लिए छोटी डेगी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की माग जिला प्रशासन से की है।

Posted By: Jagran

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