चंदौली में तीसरे दिन भी खड़ा रहा ट्रेलर, दलदली जमीन बनी 200 टन की बेल्जियम की बायलर मशीन की राह में बाधा
चंदौली में बेल्जियम से आई 200 टन वजनी बायलर मशीन दलदली जमीन के कारण तीसरे दिन भी फंसी हुई है। ...और पढ़ें
HighLights
बेल्जियम से आई 200 टन वजनी बायलर मशीन फंसी।
चंदौली के रेवसा गांव के पास दलदली जमीन बनी बाधा।
मशीन ओडिशा से लखीमपुर खीरी ले जाई जा रही थी।
जागरण संवाददाता, ताराजीवनपुर (चंदौली)। बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा पहुंची करीब 200 टन वजनी ओवर डायमेंशन कार्गो बायलर मशीन की ढुलाई में रेवसा गांव के समीप दलदली जमीन बाधा बन गई है। इसके चलते रविवार को पूरे दिन बायलर मशीन से लदा ट्रेलर रिंग रोड की सर्विस लेन पर खड़ा रहा।
रास्ते की मरम्मत के लिए टीम लगातार मशक्कत कर रही है। विशालकाय मशीन को देखने के लिए जुट रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलीनगर थाने के अपराध निरीक्षक रमेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। सोमवार को दोपहर बाद मशीन के आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जबकि जिले में तीसरा दिन है कि यह ठहरा हुआ है।
करीब 200 टन वजनी इस मशीन को 308 पहियों वाले ट्रेलर पर लादकर ओडिशा से सड़क मार्ग के जरिए लाया जा रहा है। इसे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बलरामपुर में निर्माणाधीन प्लांट में स्थापित किया जाना है। शुक्रवार को नौबतपुर सीमा से रवाना हुआ ट्रेलर शाम होने के कारण कटसिला के पास हाईवे पर रोक दिया गया था।
शनिवार को पचफेड़वा के पास हाईवे पर रिंग रोड का पुल होने के कारण ट्रेलर को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की योजना बनाई गई थी। इसके तहत पहले मशीन को रिंग रोड पर ले जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार को मशीन रेवसा के पास रिंग रोड की सर्विस लेन पर पहुंची, जहां आगे दलदली जमीन होने के कारण ट्रेलर को रोकना पड़ा।
इसके बाद मशीन को फिर से एनएच-19 पर लाया जाना है। मशीन को सुरक्षित आगे बढ़ाने के लिए रास्ते की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। वहीं, करीब आठ मीटर ऊंची और सात मीटर चौड़ी मशीन को रास्ता देने के लिए एनएचएआई की ओर से हाईवे पर कटरियां तक लगे साइनेज और बोर्ड हटाए जा रहे हैं। जबकि दोपहर बाद सोमवार को उम्मीद जताई जा रही है कि यह आगे बढ़ सकेगा।
