यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चौदहवां राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन आज से
वाराणसी : सेतु सांस्कृतिक केंद्र द्वारा 14वें राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन का आयोजन विश्व रंगमंच दिवस 27 म

वाराणसी : सेतु सांस्कृतिक केंद्र द्वारा 14वें राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन का आयोजन विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च से किया गया है। इसका समापन ¨हदी रंगमंच दिवस तीन अप्रैल को होगा। नाट्य आंदोलन के तहत पांच नाटकों का मंचन, तीन नाट्य सेमिनार व रंगमंच से जुड़े कलाकारों का सम्मान होगा।
पिपलानी कटरा स्थित श्रीश्री रविशंकर ध्यान योग केंद्र में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी सेतु के संयोजक सलीम राजा व संस्था की को-आर्डिनेटर प्रतिमा सिन्हा ने दी। बताया कि नाट्य आंदोलन का आरंभ 27 मार्च की शाम छह बजे से पराड़कर भवन में 'विश्व रंगमंच और ¨हदी थियेटर' विषय पर नाट्य सेमिनार से होगा। 28 मार्च को ध्यान केंद्र में शाम 5.30 बजे से प्रतीक महंत निर्देशित नाटक 'गुम है' का मंचन किया जाएगा। 29 मार्च को केंद्र में ही शाम 5.30 बजे से 'समकालीन ¨हदी रंगमंच के संदर्भ में भारतेंदु' विषयक सेमिनार होगा। तीस मार्च को सुबह 10.30 बजे से साहित्यकार जयशंकर प्रसाद के सराय गोवर्धन स्थित आवास पर 'जयशंकर प्रसाद और नाट्य संसार' विषयक सेमिनार होगा। पहली अप्रैल को शाम छह बजे से सनबीम वरुणा में 'अवरूद्ध' व 'विदाई : अभिशाप' नाटक का मंचन किया जाएगा। दो अप्रैल को इसी विद्यालय में 'हम सिर्फ देह नहीं' नाटक का मंचन व सम्मान समारोह होगा। तीन अप्रैल को पराड़कर भवन में नाट्य गोष्ठी से आंदोलन का समापन होगा।
