वाराणसी, जेएनएन। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की केंद्रीय शिक्षक पात्रता (सीटेट) की परीक्षा रविवार को जनपद के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हुई। पहली पाली में जहां उपस्थिति 85 फीसद रही, वहीं दूसरी पाली में 88 फीसद अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। सीटेट के लिए रिकार्ड 1.60 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था। परीक्षा के लिए बीएचयू, काशी विद्यापीठ सहित अन्य विद्यालयों में केंद्र बनाए गए थे। पहली पाली के लिए 154 केंद्र व दूसरी पाली की परीक्षा के लिए 81 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए सीबीएसई ने जनपद के दो विद्यालयों को नोडल केंद्र बनाया गया था। दयावती मोदी एकेडमी व डीपीएस, वाराणसी को 75-75 केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पहले प्रश्नपत्र में चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडगोजी, लैंग्वेज-1, लैंग्वेज-2, गणित व पर्यावरण से संबंधित 30-30 प्रश्न पूछे गए थे। वहीं गणित एवं विज्ञान, सोशल साइंस विषय से 60-60 सवाल पूछे गए थे। पहली पाली सुबह 9.30 से 12 बजे तक व द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4.30 बजे तक आयोजित हुई।

लेढूपुर में परीक्षार्थियों का हंगामा : लेढ़ूपुर स्थित कान्वेंट स्कूल में बने केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। औड़िहार की मीना, बलिया की सुरभि सिंह, गाजीपुर की चंदा व मऊ की अनीता चौहान के मुताबिक लैंग्वेज की प्रश्न पुस्तिका के गलत सेट बांटे गए थे। गलत कोड के कारण उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं होगा। केंद्र की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है। इसी बात से नाराज अभ्यर्थियों ने वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर खुटहवा नार के पास करीब आधा घंटा जाम भी लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नोडल केंद्र तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। वहीं हंगामे के चलते दूसरी पाली की परीक्षा में अभ्यर्थियों को विलंब से प्रवेश दिया गया।

शिक्षक बनने के लिए सीटेट अनिवार्य : प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी या सीटेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। वहीं केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए सीटेट उत्तीर्ण करना जरूरी है। सीबीएसई सीटेट की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित कराता है।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप