भदोही, जेएनएन। औराई सीएचसी में आक्सीजन सेंट्रल पाइप लाइन में मनमानी करने को लेकर अब गुणवत्ता पर उठा सवाल उठने लगा है। यहां पर 65 लाख रुपये की लागत से आक्सीजन प्लांट तैयार किया जा रहा है।आक्सीजन आपूर्ति की समय प्रेशर से पाइप फट सकने की संभावना को बल मिलने के बाद चिंता बढ़ गई है।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई में निर्माणाधीन आक्सीजन प्लांट में 22 के स्थान पर 14 एमएम की पाइप लगा दी गई है। इसके कारण प्लांट का संचालन नहीं हो सका। एजेंसी के इंजीनियर मनोज कुमार ने वार्ड में लगे सेंट्रल पाइपलाइन में कनेक्शन करने से इनकार कर दिया।

कोविड के दूसरी लहर में अगर संक्रमितों के उपचार में सबसे अधिक कमी खली थी वह आक्सीजन की कमी। सिलेंडर के अभाव में कोविड अस्पताल में आइसोलेट मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीसरी लहर की तैयारी को लेकर मार्च में ही अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाए जाने की कवायद शुरु हो गई थी। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में प्लांट चालू कर दिया गया है।

जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई में प्लांट बनकर तैयार है लेकिन वार्ड में लगा आक्सीजन सेंट्रल पाइप लाइन मानक के अनुरुप न होने से अभी तक चालू नहीं किया जा सका। एजेंसी के इंजीनियर ने बताया कि अस्पताल के वार्डों में लगा 14 एमएम का पाइप प्लांट से आक्सीजन आपूर्ति के प्रेश समय फट सकता है। इसके लिए 22 एमएम की पाइप लगाकर आपूर्ति के लिए सुरक्षित बताया। हालांकि, जांच को लेकर अब विभाग में तरह तरह की चर्चा हो रही है।

बोले अधिकारी : अस्पताल के वार्डों में आक्सीजन आपूर्ति के लिए 12 व 14 एमएम की पाइप पर्याप्त है। प्लांट से वार्ड के नियंत्रण कक्ष तक आक्सीजन आपूर्ति के लिए 22 एमएम पाइप की जरूरत होती है। शीघ्र ही पाइप लगाकर आपूर्ति चालू करा दी जाएगी। - डा. अमित दुबे, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी भदोही।

Edited By: Abhishek Sharma