वाराणसी, जेएनएन। सेवापुरी स्थित जंसा क्षेत्र के कपरफोरवां गांव में कुएं से शनिवार की सुबह 14 घंटे बाद नत्थूराम उर्फ सुभाष का शव निकाला गया। शव निकलते ही ग्रामीणों ने मुआवजे, जमीन आवंटन एवं आवास की मांग करते हुए शव को रोक लिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

घटना के अनुसार कपरफोरवां गांव में शुक्रवार को संतोष दुबे  के पुराने कुएं से ईंट निकालते समय कुआं अचानक भरभरा कर गिर गया। इससे कुएं में नत्थूराम दब गया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ की टीम समेत आलाधिकारी पूरी रात रेस्क्यू आपरेशन में लगे रहे। 14 घंटे बाद  शनिवार सुबह साढ़े छह बजे शव बाहर निकाला गया। शव निकलते ही ग्रामीण मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीण जमीन आवंटन करने, पांच लाख रुपये व आवास की मांग करने लगे। अधिकारियों ने तत्काल 30 हजार रुपये, आवास व जमीन का पट्टा मृतक की पत्नी  पन्ने देवी के नाम देने का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने शव पुलिस को सौंपा। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। सिहोरवां गांव निवासी  फूलचंद्र, मूलचंद्र, प्रदीप कुमार, चम्पा देवी आदि का कहना है कि कुआं मालिक भी मृतक के पत्नी को मुआवजे के रूप में कुछ जमीन दे। मृतक नत्थू राम को चार पुत्र व पांच पुत्रियां हैं।

मौत ही नत्थूराम को दोबारा ले गई कुएं में

कपरफोरवां गांव में संतोष दुबे के पुराने कुएं से ईंट निकालने के बाद नीचे महज तीन रदा ही ईंट की लाइन बची थी। सभी मजदूर घर जाने के लिए कुएं से निकल चुके थे। मृतक नत्थूराम जब मजदूरी मांगने गया तो संतोष दुबे की मां लीलावती दुबे ने कहा कि शेष ईंटों को निकालने पर  ही पैसा दिया जायेगा। इसके बाद नत्थूराम खुद ईंट निकालने कुएं में उतर गया। अंदर जाते ही कुआं भरभराकर गिर गया। पिता गोपीचंद्र का कहना है कि मौत ने दोबारा खींचकर उसे कुएं में ले गई।

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Posted By: Vandana Singh