वाराणसी, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश में लगभग बेदम पड़ रही वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को प्रदेश सरकार ने फिर से संजीवनी दी है। पूर्वांचल के सात जिलों में इस योजना को रफ्तार देने के लिए 12 करोड़ के बजट का प्राविधान किया गया है। बैंक उत्साही 464 स्टार्टअप को ओडीओपी योजना में चिन्हित उत्पादों के कारोबार के लिए 50 लाख तक का ऋण देंगे, जिसमें 25 फीसद तक अनुदान राज्य सरकार का होगा। इससे युवाओं के लिए अपेक्षित रोजगार की संभावनाएं भी पैदा होंगी और मेधाओं का पलायन रुकेगा। 

ओडीओपी योजना क्या है?

प्रदेश सरकार ने अलग-अलग जिलों के प्रमुख उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना वर्ष 2018 में 24 जनवरी को लांच की थी। मकसद नए स्टार्टअप शुरू करना था, ताकि बेरोजगारी दूर हो सके। शुरुआत में योजना को रफ्तार देने में सरकार सक्रिय रही, लेकिन वक्त बीतने के साथ कवायद कमजोर पडऩे लगी थी। जिसे फिर गति देने की पहल शुरू है। 

सरकार की नई व्यवस्था 

सरकार ने ओडीओपी योजना के अंतर्गत जिलों में चिन्हित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख तक के ऋण का प्राविधान किया है। इससे दुकान या फैक्ट्री लगाने का काम किया जा सकता है। बैंक जिम्मेदारियों से बचने न पाएं, इसके लिए सरकार ने नए स्टार्टअप को जिलेवार कारोबार शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।

पूर्वांचल में स्‍टार्टअप की स्थिति

जिला स्टार्टअप  बजट
वाराणसी 120  तीन करोड़
जौनपुर 40  एक करोड़ 
गाजीपुर  40  एक करोड़ 
चंदौली 40  एक करोड़ 
मीरजापुर  100 ढाई करोड़ 
भदोही 84 दो करोड़
सोनभद्र   40  एक करोड़

    

बोले अधिकारी : प्रदेश सरकार सूबे में ओडीओपी योजना को बढ़ावा दे रही है। सात जिलों में 12 करोड़ बजट का प्रावधान है। बैंक भी नए स्टार्टअप को आगे लाने में मदद कर रहे। - उमेश सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग।    

Posted By: Abhishek Sharma

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