जागरण संवाददाता, उन्नाव: गांव की संसद के लिए मतदान करने में बुजुर्ग और दिव्यांग भी पीछे नहीं रहे। स्वजन का सहरा लेकर पोलिंग बूथ पर पहुंच मतदान किया और खुशी जाहिर की।

सोमवार सुबह तहसील बीघापुर के पतारी निवासी पार्वती जब अपने पोते-पोती के साथ मतदान करने निराला इंटर र्कालेज के बूथ पर पहुंची तो लोग उन्हें देखते रह गए। पैरों से चलने में लाचार बुजुर्ग पार्वती ने पोते-पोती का सहारा लेकर बूथ पर मतदान किया। कहा कि मतदान करने उनका अधिकार है। फतेहपुर चौरासी में 90 वर्षीय वृद्धा प्रभावती के उत्साह के आगे उम्र की बेड़ी टूटती दिखी। वृद्धा ने नाती के साथ बूथ पर पहुंच कर मतदान किया। आसीवन में दिव्यांग युवक कलूटी ने मत डाला तो उसके बाद मतदान अभिकर्ता युवक को कंधे का सहारा देकर बाहर लेकर आए। युवक ने कहा कि मतदान के लिए कोई मजबूरी नहीं होनी चाहिए। असोहा की 100 वर्षीय श्रीमती ने तो सभी को अचरज में डाल दिया। उम्र का शतक पूरी करने वाली श्रीमती ने लगी लाइन में बैठकर अपना बारी का इंतजार किया और फिर मतदान किया। हिलौली निवासी शीतल सविता अपने नाती के सहारे से पोलिंग बूथ पर पहुंचे और मतदान किया। पैरों से चलने में लाचार रानी खेड़ा के सुघर मौर्य बैसाखी के सहारे से मतदान केंद्र पहुंच और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गंजमुरादाबाद ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मटकरी में 67 वर्षीय अरुणा देवी पत्नी मेवालाल चलने में असमर्थ हैं, इस पर उनके स्वजन गोद में लेकर पोलिंग बूथ पहुंचे और मतदान कराया। असोहा निवासी दिव्यांग मैका देवी को गोद में लेकर उनके नाती ने मतदान कराया।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप