यूपी में वाहनों के चालान सिस्टम में हुआ बड़ा बदलाव, अब 30 दिन के अंदर अधिकारियों को करना होगा समाधान
उत्तर प्रदेश में गलत ई-चालान के खिलाफ अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकेगी, जिसमें एआरटीओ अपीलीय अधिकारी के रूप में 30 दिन के भीतर समाधान करेंगे।

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HighLights
गलत ई-चालान की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा।
एआरटीओ 30 दिन के भीतर चालान की जांच कर निर्णय लेंगे।
निर्णय से असंतुष्ट होने पर न्यायालय में अपील का विकल्प।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। यदि आपको लगता है कि एआरटीओ या ट्रैफिक पुलिस द्वारा आपके वाहन का चालान गलत तरीके से किया गया तो अब ई-चालान एप पर साक्ष्यों के साथ अनलाइन इसकी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी एआरटीओ को अपीलीय अधिकारी बनाया जाएगा। यह अधिकारी एक-दूसरे जिले की अपील सुनेंगे।
चालान आनलाइन ही संबंधित अपीलीय अधिकारी के पास पहुंचेगा। अधिकारी को 30 दिन के अंदर चालान की जांच कर यह तय करना होगा कि वह सही है या गलत। चालान सही पाए जाने पर वाहन स्वामी को जुर्माना जमा करने के लिए कहा जाएगा। वहीं, गलत पाए जाने पर चालान समाप्त कर दिया जाएगा।
जमा करना होगा आधा जुर्माना
निर्धारित 30 दिन में अपीलीय अधिकारी कोई निर्णय नहीं करता है तो चालान स्वत: समाप्त हो जाएगा। चालान सही होने पर वाहन स्वामी को जुर्माना जमा करने के लिए एक माह का समय मिलेगा। निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर वाहन स्वामी न्यायालय जा सकेगा। इसके लिए संबंधित एआरटीओ कार्यालय में चालान की राशि का आधा जुर्माना जमा करना होगा।
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इसके बाद चालान आनलाइन ही न्यायालय भेज दिया जाएगा। इसके बाद वाहन स्वामी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। छह माह तक चालान का जुर्माना जमा नहीं करने पर वाहन की आरसी ‘नाट टू ट्रांजेक्शन’ श्रेणी में चली जाएगी।
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इसके बाद वाहन स्वामी अपने वाहन से संबंधित प्रपत्रों का कोई काम नहीं करा पाएगा। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि वाहन चालान के निस्तारण की प्रक्रिया अब न्यायालय तक आनलाइन की जा रही है। अगले सप्ताह तक यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।
