जेल में बंद कैदियों के बनाए दीयों से जगमग होगी अयोध्या, ‘कालिंदी’ के घी की महकेगी खुशबू
उन्नाव जिला कारागार के बंदी इस दीपावली अयोध्या को रोशन करने के लिए 5000 दीये बना रहे हैं।

जेल में बंद कैदीयों के बनाए दीयों से जगमग होगी अयोध्या।
HighLights
उन्नाव जेल के बंदी बना रहे 5000 दीये अयोध्या के लिए।
साहीवाल गाय 'कालिंदी' के घी से रोशन होंगे ये दीये।
बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास का यह अनूठा प्रयास।
मोहित पांडेय, उन्नाव। इस दीपावली रामनगरी उन्नाव जिला कारागार में बने 5000 दीयों की रोशनी होगी। इन दीयों को रोशन करने के लिए जेल परिसर में ही पल रही साहीवाल नस्ल की गाय ‘कालिंदी’ के दूध से लगभग 30 किलो घी तैयार किया जा रहा है।
कालिंदी सुबह-शाम में लगभग 20 लीटर दूध देती है। दीयों की लौ के साथ घी की सोंधी खुशबू वातावरण को भी सुगंधित करेगी।
मौजूदा समय में जिला कारागार में 821 बंदी और व कैदी निरुद्ध हैं। इनमें पांच बंदी ऐसे हैं, जिन्हें मिट्टी के दीये बनाने में महारत हासिल है। इन बंदियों को पांच हजार दीये तैयार करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए जेल में उन्हें दो चाक मिट्टी, दीयों का सांचा व पाउडर मुहैया कराया गया।
15 दिनों से ये बंदी दीये तैयार कर रहे हैं। अब तक 3500 से अधिक दीये तैयार कर चुके हैं। दो नवंबर तक इन दीयों को तैयार कर पांच नवंबर को जेल स्टाफ द्वारा अयोध्या भेज दिया जाएगा। दीये तैयार करने वाले बंदियों को 95 रुपये प्रतिदिन के हिसाब मिलने वाली राशि जेल मद से मेहनताना के रूप में दी जाएगी।
जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया उनकी इस पहल का उद्देश्य बंदियों के भीतर मौजूद कौशल को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश है। अपराध की वजह से जिन चेहरों की पहचान सिमट जाती थी, उन्हीं हाथों से तैयार दीये आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक अयोध्या को रोशन करने में योगदान देंगे।
