उन्नाव में गंगा पांच सेंटीमीटर घटी, फिर भी बाढ़ग्रस्त मोहल्लों में मुश्किलें बरकरार
उन्नाव में गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटने के बावजूद बाढ़ग्रस्त मोहल्लों में मुश्किलें बरकरार हैं, क्योंकि नदी अभी भी चेतावनी बिंदु से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

HighLights
गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटा, पर चेतावनी बिंदु से ऊपर।
बाढ़ग्रस्त मोहल्लों में 200 से अधिक घर पानी से घिरे।
बिजली कटौती, विषैले जीवों का खतरा, आवागमन नावों से।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। गंगा का जलस्तर सोमवार को पांच सेंटीमीटर घटा, लेकिन पश्चिमी गंगाघाट क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त मोहल्लों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बनी हुई है।
गोताखोर, हुसैननगर, मोहम्मदनगर, शाहीनगर और करबला मोहल्लों में 200 से अधिक मकान पानी से घिरे हैं। लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों ने बताया कि पानी घरों के अंदर तक पहुंचने से विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। वहीं बिजली आपूर्ति बंद होने से शाम होते ही घर अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन के लिए प्रशासन ने पश्चिमी क्षेत्र में 15 सरकारी नावें लगाई हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.280 मीटर था। सोमवार शाम छह बजे यह पांच सेंटीमीटर घटकर 112.230 मीटर हो गया।
इसके बावजूद मिश्रा कॉलोनी, मनोहरनगर, बालूघाट, सीताराम कालोनी, शक्तिनगर, इंदिरानगर, गंगानगर, बहादुर बगिया, रविदासनगर और आलमनगर के लोगों की चिंता बनी हुई है। क्षेत्रीय लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि जलस्तर में कमी आई है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पश्चिमी क्षेत्र में 15 नावें लगाई गई हैं।
