उन्नाव, जेएनएन। समझौता न करने पर बीते हफ्ते जिंदा जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के परिवारीजन के आक्रोश को देख प्रशासन अब उनकी मांगें पूरी कराने में जुट गया है। मंगलवार को प्रशासन ने पीड़िता की बहन से नौकरी का आवेदन लिया।

पीड़िता  के परिवार ने सोमवार को सरकारी नौकरी, दो आवास और शस्त्र लाइसेंस की मांग पूरी हुए बिना समाधि स्थल पक्का न होने देने का एलान किया था। उन्होंने निर्माण के लिए पहुंचे कर्मियों को लौटा दिया था। पीड़िता की बहन ने एक सप्ताह में मांगें पूरी न होने पर कब्र से शव निकालकर मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्रशासन कोई ऐसी चूक नहीं करना चाहता जिससे पीड़ित परिवार को विरोध का मौका मिले।

उन्नाव में बीघापुर तहसीलदार चंद्रशेखर मंगलवार को पीड़िता  के घर पहुंचे और उसकी बहन से नौकरी के लिए आवेदन पत्र और शैक्षिक, जाति, निवास प्रमाणपत्र तथा परिवार के अन्य सदस्यों का सहमति पत्र लिया। इसके बाद तहसीलदार ने बताया कि नौकरी का आवेदन पत्र डीएम के जरिए शासन को भेजेंगे। किस पद और किस विभाग में नौकरी मिलेगी यह निर्णय शासन से ही होगा। पीडि़ता के भाई की आयु अधिक होने से पिता ने छोटी बेटी को नौकरी की इच्छा जताई थी। इस पर प्रशासन ने नौकरी का आवेदन लिया।

इधर पंचायत राज विभाग भी सजग है। एडीओ पंचायत हरिओम तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी शशि मोहन मिश्र के साथ दोपहर में गांव पहुंचे। इन सभी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पीडि़ता के पिता और भाभी से आवश्यक प्रपत्र तैयार कराने के साथ ही उसके पुराने मकान की फोटो लेकर अपलोड करा आवास देने की कागजी प्रक्रिया पूरी की। एडीओ पंचायत ने बताया कि पीड़िता की भाभी को अंत्योदय कार्ड देने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

कब्र पर पीएसी का पहरा

पीड़िता की कब्र से कोई असामाजिक तत्व छेड़छाड़ न कर सके, इसके लिए पीएसी लगाई गई है। पीएसी शव दफनाने वाले स्थल पर टेंट लगा कैंप कर रही है। पीडि़ता के भाई को दो गनर और बहन को महिला पुलिस की सुरक्षा दी गई है। मंगलवार को बारा सगवर इंस्पेक्टर सहित तीन दारोगा, दो महिला सिपाही, दस सिपाही पीडि़ता के घर पर मुस्तैद रहे। इसके अलावा गांव में भी पीएसी गश्त कर रही है।

भाई बोला-बहन की मूर्ति लगा करूंगा पूजा

दुष्कर्म पीड़िता के भाई ने मंगलवार को कहा कि वह समाधि स्थल पर दिवंगत बहन की प्रतिमा लगवाकर उसकी पूजा करूंगा।

ढर्रे पर लौटी गांव की दिनचर्या

दुष्कर्म पीड़िता के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन मंगलवार को गांव के लोग पुराने ढर्रे पर लौटते दिखे। लोग अपने काम काज के लिए निकले। गुरुवार को घटना के दिन से ही गांव में पुलिस और मीडिया डेरा डाले थे लेकिन मंगलवार आवाजाही कम हुई। हालांकि किसी भी अधिकारी के आते ही लोग उसके बारे में जानकारी लेने लगते।

पीड़ित परिवार के साथ हर कदम

विश्वकर्मा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व भाजपा नमामि गंगे के लखनऊ महानगर संयोजक महेंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में राजेश विश्वकर्मा, दुर्गेश, अरङ्क्षवद विश्वकर्मा ने पीडि़ता के घर जाकर परिजन को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिटिया के गुनहगारों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया हैं। महासभा हर संघर्ष में पीडि़त परिवार के साथ है।

जिंदा जलाने में हत्या का मुकदमा

दुष्कर्म पीड़िता के बयान के आधार पर मुख्य आरोपित शिवम त्रिवेदी व उसके पिता रामकिशोर, प्रधान पति हरिशंकर त्रिवेदी, उसके पुत्र शुभम और पंचायत मित्र उमेश बाजपेयी के खिलाफ जलाकर प्राणघातक हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरे दिन दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से मौत की पुष्टि के बाद एसपी विक्रांतवीर के आदेश के बाद बिहार थाना पुलिस ने मुकदमा हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया। सीओ बीघापुर अंजनी कुमार राय ने बताया कि मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई गई है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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