यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संक्रामक रोगों का बढ़ा कहर, बुखार से दो की मौत
बदलते मौसम के साथ संक्रामक रोगों का कहर लोगों की जान ले रहा है। जिला अस्पताल में बुधवार को बुखार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, उन्नाव : बदलते मौसम के साथ संक्रामक रोगों का कहर लोगों की जान ले रहा है। जिला अस्पताल में बुधवार को बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई। हाल यह है कि जिले में 23 दिनों में 17 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। वहीं जिला अस्पताल का हाल यह है कि ओपीडी में तीन सैकड़ा से अधिक मरीज संक्रमण से शिकार होकर इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इस बाबत चिकित्सकों का कहना है कि इस समय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मौसम का उतार-चढ़ाव और मच्छरों का प्रकोप हर घर में लोगों का बीमार कर रहा है।
अक्टूबर में काफी वर्ष बाद मौसम ठंड हुआ है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वहीं सितंबर में हुई बारिश के बाद जलभराव और गंदगी ने संक्रामक रोग का प्रकोप फैला रखा है। साथ ही मच्छर जनित रोग मुसीबत को और बढ़ा रहे हैं। बुखार के कारण बुधवार को शंभू रतन (70) पुत्र ललऊनू निवासी मानपुर अचलगंज और रहीसुन (80) पत्नी शाहिद निवासी सिविल लाइन की जिला अस्पताल में मौत हो गई। जिला अस्पताल में हाल यह है कि हर दिन संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की भरमार रहती है। जिले में 1 से 23 अक्टूबर तक 17 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इसमें जिला अस्पताल में 11 लोगों की मौत हुई है। वहीं बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद, औरास में छह लोगों की मौत बुखार से हुई है।
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ब्लड सैंपल काउंटर रहते फुल
- संक्रामक रोगों का ही असर है कि जिला अस्पताल की पैथालॉजी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग जाती है और ब्लड सैंपल काउंटर पर मारामारी मची रही है। पिछले 15 दिनों से स्थिति अधिक खराब है। सुबह से लेकर दोपहर तक ब्लक सैंपल काउंटर पर रिपोर्ट लेने की भारी भीड़ रहती है।
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दिमागी बुखार का अधिक प्रभाव
- जिले में दिमागी का अधिक प्रभाव है। एक माह में जितनी मौत हुई है उसमें अधिकतर दिमागी बुखार से पीड़ित मरीज थे। साथ ही शुक्लागंज में एक बालक की मंगलवार को डेंगू से मौत हुई थी। साथ ही शुक्लागंज में सबसे अधिक डेंगू से पीड़ित मरीजों का इलाज किया गया है।
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- मौसम बदलने के कारण वायरल संक्रमण के साथ दिमागी बुखार के मरीज भी आ रहे है। यदि बुखार तेज आ रहा है और झटके आ रहे हैं तो मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। बुखार यदि दो दिन तक बना रहे तो मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए।
- डॉ. आलोक पांडेय, सीनियर फिजीशियन, जिला अस्पताल
