जागरण संवाददाता, उन्नाव : रविवार को भाजपा मंडल अध्यक्षों के चुनाव की शुरुआत की गई। पहले ही दिन अचलगंज में चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंच किसी तरह उन्हें शांत कराया। मंडल अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए कई अन्य स्थानों पर भी कार्यकर्ता दो फाड़ नजर आए। गंगाघाट को छोड़ 26 मंडलों में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण की गई शहर, हिलौली और सरोसी को छोड़ कहीं भी आम सहमति नहीं बन पाई। सबसे अधिक नवाबगंज और सुमेरपुर में सात-सात लोगों ने मंडल अध्यक्ष बनने के लिए आवेदन किया।

भाजपा के जिले में 27 मंडल हैं, इनमें शुक्लागंज को छोड़ 26 मंडलों में रविवार को चुनाव अधिकारियों ने अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधि के लिए आवेदन लिया। संगठन की तरफ से हर मंडल में एक चुनाव अधिकारी की तैनाती की गई थी। जिन्होंने निश्चित स्थान पर आवेदकों से आवेदन लिए एवं बूथ अध्यक्षों की राय जानी। तीन मंडलों को छोड़ 23 मंडलों में आम सहमति नहीं बन पाई। असोहा में कार्यकर्ता दो फाड़ हो गए। यहां विवाद के बाद एकगुट ने बहिष्कार कर दिया। चुनाव प्रक्रिया में व्यवधान होने पर पुलिस का सहारा लेना पड़ा। यहां दो लोगों ने नामांकन कराया। असोहा में रायबरेली के विनोद बाजपेई को चुनाव प्रभारी व शिवपाल लोधी को सह चुनाव प्रभारी बनाया गया था। चुनाव प्रक्रिया प्रारम्भ होते ही पूर्व मंडल अध्यक्ष गुड्डू महाराज के नाम पर चर्चा शुरू हुई जिस पर मंटू पांडेय ने आपत्ति की। बाद में मंटू पांडेय गुट ने बहिष्कार कर दिया। वहीं हिलौली व मौरावां मंडल अध्यक्षों के चुनाव में पहले तो काफी गहमागहमी रही बाद में चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। हिलौली मंडल के चुनाव में अकेला राजन दीक्षित का नामांकन हुआ। मौरावां मंडल के चुनाव में कुलदीप अवस्थी, अरुण प्रताप सिंह, रामबाबू साहू, विजय कुमार गुप्ता ने अपना अपना नामांकन कराया। पुरवा में चुनाव अधिकारी डा. धनंजय सिंह सह चुनाव अधिकारी सीतेस सिंह ने नामांकन फार्म जमा किया मंडल अध्यक्ष डा. रजनीश वर्मा, नरेश रावत, कपिल त्रिपाठी इसके अतिरिक्त जिला प्रतिनिधि के लिए लक्ष्मी नारायन कुशवाहा ने अपना नामांकन कराया। नवाबगंज नगर पंचायत कार्यालय में भाजपा के मंडल अध्यक्ष पद के लिए नौ उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कराया। मंडल चुनाव अधिकारी राम खेलावन अवस्थी और सह चुनाव प्रभारी अलंकार द्विवेदी ने नामांकन पत्र लिए। जिला चुनाव अधिकारी प्रेमलता कटियार और सह चुनाव अधिकारी रामचन्द्र कनौजिया मंडलों पर चल रही चुनाव प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाये रहे।

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उम्र की पाबंदी ने किया निराश

- यह पहला मौका है जब भाजपा मंडल अध्यक्ष चुनाव में 42 वर्ष से अधिक उम्र वालों के नामांकन पर रोक लगा दी गई है। इससे मंडल अध्यक्ष बनने का मंसूबा लेकर आए कई कार्यकर्ताओं को निराश वापस लौटना पड़ा। शहर मंडल के नामांकन पर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई है।

Posted By: Jagran

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