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जागरण संवाददाता, उन्नाव : कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर गंगाघाट स्टेशन और छमक नाली पुलिया के मध्य सोमवार को कीमैन की सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई। पेट्रोलिंग के दौरान रेल (ट्रैक) फ्रेक्चर देख उसने कानपुर की ओर से आ रही मालगाड़ी को रुकवा दिया। इसके बाद परिचालन के साथ गेटमैन और गंगाघाट स्टेशन कंट्रोल को जानकारी दी। डाउन की ट्रेनों को गंगाघाट और कानपुर सेंट्रल स्टेशन के बीच रोका गया। उन्नाव से रेल पथ विभाग के सेक्शन इंजीनियर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैक को दुरुस्त करते हुए ट्रेनों को कॉशन देकर निकाला।

सरैया क्रासिग से शाम करीब सवा चार बजे मालगाड़ी के पास होने के दौरान ट्रैक पर आकर कीमैन धीरज कुमार ने लोको पायलट को ट्रेन रोकने का सिग्नल दिया। इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को रोका गया। रेल फ्रेक्चर देख लोको पायलट और गार्ड के हाथ पांव फूल गए। परिचालन कंट्रोल को वायरलेस से सूचना दी गई। इसके बाद सेक्शन इंजीनियर गौरव श्रीवास्तव टीम के साथ सरैया क्रासिग पर पहुंचे। करीब दो मीटर दूरी पर उन्हें ट्रैक पर फ्रेक्चर मिला। इसके बाद डाउन ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन रुकवाया गया। रेल पथ निरीक्षक (पीडब्ल्यूआइ) विकास कुमार को जानकारी देकर ट्रैक को दुरुस्त कराया गया। इस दौरान करीब 30 मिनट तक ट्रेनें जहां की तहां ठहरी रहीं। इसके बाद उन्होंने 20 किमी. प्रति घंटा का कॉशन देकर रेल यातायात बहाल कराया। रेल पथ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौके पर पहुंचे इंजीनियर ने फ्रेक्चर मामूली बताया। कॉशन पर ट्रेन चलाते हुए ट्रैक दुरुस्त कराया गया।

Posted By: Jagran

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