जागरण टीम, उन्नाव: बीघापुर और आसीवन थाना क्षेत्र में किसान समेत तीन लोगों के शव फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। आसीवन में गांव के बाहर पेड़ से लटका शव मिलने के बाद परिजनों ने बिना पुलिस सूचना के उसका अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मौत के पीछे की वजह भी सामने नहीं आ सकी। बीघापुर में किसान की मौत पर फसल पैदावार संतोषजनक न होने और आर्थिक तंगी के बीच बेटियों की शादी की चिता में आत्महत्या की चर्चा रही। घटना एक: बीघापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेहटा भवानी निवासी 44 वर्षीय गयादीन चौरसिया पुत्र रामगोपाल शुक्रवार की रात दरवाजे पर सोया था। शनिवार की सुबह उसका शव गांव से थोड़ी ही दूर पर तालाब के किनारे एक बबूल के पेड़ से साड़ी से लटका मिला। गांव में आर्थिक तंगी से मौत की चर्चा के बीच ग्राम प्रधान उर्मिला चौरसिया ने बताया कि मृतक का जॉब कार्ड बना हुआ था। हाल ही में ही उसको 15000 रुपये का भुगतान भी हुआ था। उसका पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड भी बना हुआ है। बताया कि मृतक की तीन बेटियां शादी योग्य हो चुकी हैं। भीट की फसल खराब होने और संतोषजनक पैदावार न होने से वह बेटी की शादी को लेकर तनाव में रहता था। प्रधान ने इसी कारण गयादीन के आत्महत्या की संभावना जताई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोप जैसी तहरीर नहीं आई है। घटना दो: बीघापुर थाना क्षेत्र के गांव आडा़खेड़ा निवासी 52 वर्षीय रमेश कुमार का शव शनिवार सुबह घर की कोठरी की धन्नी से लटका मिला। मृतक के परिजनों ने बताया कि रमेश कई साल से बीमार चल रहे थे। खुद को परिवार पर बोझ बनता देख उन्होंने जान दे दी। घटना तीन: आसीवन थाना क्षेत्र के अरेरखुर्द गांव निवासी 20 वर्षीय शिवम पुत्र जगदीश शुक्रवार शाम गांव के बाहर भुइंयादेवी का मेला देखने निकला था। सुबह उसका शव गांव के बाहर अपने ही बोरवेल के पास यूके लिप्टस के पेड़ में फंदे पर लटकता मिला। बिना पुलिस को सूचना दिए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। शिवम दो बहनों में इकलौता था। गांव में शिवम द्वारा आत्महत्या के साथ परिजनों को वजह पता होने की भी चर्चा रही।

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