मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, उन्नाव : कब्बाखेड़ा उपकेंद्र में रविवार को पैनल बदलने का काम किया गया। इस दौरान पूरे दिन बिजली गुल रही।इस फीडर से जुड़ी 10 हजार की आबादी परेशान रही। रविवार का अवकाश भीषण उमस में कट गया। शाम करीब 6 बजे बिजली आपूर्ति चालू की गई।

बिजली विभाग को पैनल, ट्राली व प्रोटेक्शन टेस्टिग की याद सर्दी में नहीं आती है। गर्मी और बारिश के मौसम के लिए विभाग द्वारा कोई होमवर्क नहीं किया जाता जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। कब्बाखेड़ा फीडर में अप्रैल माह से बिजली आपूर्ति पर संकट कायम है। आए दिन फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ा है। जब शासन ने सख्ती की तो विभाग ने आनन-फानन फीजर के पैनल बदलने की योजना बना ली। रविवार को पूरे दिन कब्बाखेड़ा फीडर में पैनल बदलने का काम चलता रहा। सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक कटौती की गई। इस दौरान लोग भीषण उमस से हलकान हो गए। न घर के भीतर राहत मिली न घर के अंदर। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में पैनल बदलने से लोगों को परेशान करना है। फीडर में स्पाउट, ब्रेकर, सीटी और ट्राली बदली गई। लाखों रुपये का काम कराया गया इसके बाद फीडर को दुरुस्त किया गया। पानी के लिए किराए पर लाना पड़ा जनरेटर

कब्बाखेड़ा फीडर पर काम होने से लोकनगर, एसवीएम नगर, किशोरी खेड़ा, कब्बाखेड़ा, विकास नगर, गिरिजाबाग, सिविल लाइन, जेल रोड, कल्याणी, ओमनगर, कचहरी रोड में बिजली की आपूर्ति ठप रही। लोकनगर में हाल यह रहा कि वहां पर पानी जबरदस्त किल्लत रही तो ऐसे में जिन लोगों के सबमर्सिबल लगे थे उन्हें पानी के लिए जनरेटर किराए पर खरीद कर लाना पड़ा। पूरे दिन लोगों को उमस से जूझना पड़ा। बिजली न होने से लोग हाथ वाला पंखा झालने को मजबूर हुए। फीडर में लगातार समस्या आ रही थी, स्पाउट व ट्राली पहले ही फुंक गए थे इस कारण पूरे पैनल को बदल दिया गया है। अब बिजली आपूर्ति में दिक्कत नहीं होगी।

- अमरपाल सिंह, जेई कब्बाखेड़ा फीडर

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप