चकबंदी से बाहर हुए यूपी के ये 4 गांव, CM योगी के दखल के बाद किसानों को मिली संजीवनी
सफीपुर तहसील के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। फल पट्टी ...और पढ़ें
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इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
सफीपुर के चार गांव चकबंदी प्रक्रिया से बाहर हुए।
फल पट्टी क्षेत्र में आम बागान मुख्य कारण रहा।
किसानों की लगातार मांग पर मिली बड़ी राहत।
संवाद सहयोगी, सफीपुर। सफीपुर तहसील के चार गांव दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर चकबंदी प्रक्रिया से बाहर कर दिए गए हैं। दरअसल फल पट्टी क्षेत्र में आने वाले इन गांवों आम बागान का क्षेत्रफल अधिक है इससे चकबंदी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। किसान लगातार चकबंदी समाप्त करने की मांग करते आ रहे थे। जिस इन गांवों को चकबंदी से बाहर कर दिया गया है। इस आदेश से किसानों में खुशी है।
सफीपुर तहसील क्षेत्र के 32 गांव चकबंदी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर के निर्देश पर सफीपुर तहसील के दरौली, पीखी, सलींद और निहालपुर को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। अन्य गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया जारी रहेगी। उक्त गावों के किसानों ने बताया कि फलपट्टी क्षेत्र होने से अधिकांश बाग हैं। जो भूमि बिना बाग वाली है वह बहुत कम है। इससे किसान चकबंदी से परेशान थे।
किसानों ने बताया कि कई बार मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर चकबंदी प्रक्रिया से गांवों को बाहर करने की मांग की गई थी। किसानों ने बताया कि डीएम और एसडीएम को भी कई बार मुख्यमंत्री और चकबंदी आयुक्त को संबोधित ज्ञापन दिए थे।
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मुख्यमंत्री ने हम किसानों की मांग पर विचार कर चार गांवों को चकबंदी से बाहर करने का आदेश जारी करा हम किसानों काे संजीवनी देने का काम किया है। सफीपुर चकबंदी अधिकारी राजेश कुमार ने बताया हो सकता है आयुक्त के निर्देश पर आदेश जारी कर दिया गया हो लेकिन अभी मेरे पास इस संबंध में कोई आदेश पत्र नहीं आया है। तहसील के 32 गांव में चकबंदी का कार्य किया जा रहा है।
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ग्रामीण बोले मुख्यमंत्री ने दी संजीवनी
गांव के सभी किसानों ने क्षेत्र में 95 प्रतिशत खेतों में आम की बागवानी होने कारण चकबंदी से नुकसान होता। हम सभी ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री, जिला अधिकारी को कई बार पत्र देकर चकबंदी रोकने की मांग की थी। चकबंदी प्रक्रिया से गांव का बाहर होना हम किसानों के लिए खुशी की बात है। -शशिकांत मिश्रा उर्फ दीपू, दरौली
अधिकांश भूमि पर आम के बाग हैं जिससे ग्रामीण चकबंदी प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर कई बार ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री से गांव को चकबंदी से बाहर रखने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने किसानों की मांग को मानकर संजीवनी देने का काम किया है। -मोहम्मद बहाजुद्दीन, पीखी
चार भाइयों के बंटवारे में उनके हिस्से में करीब एक-एक बीघा जमीन आई है। इसी तरह पूरे गांव में बहुत कम जोत वाले किसान हैं। चकबंदी होने से परेशानी होती। इससे किसानों चकबंदी से गांव को मुक्त करने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने हमारी मांग स्वीकार कर ली इसके लिए हम लोग उनके ऋणी रहेंगे। -उत्तम शिव कुमार, निहालपुर
फल पट्टी क्षेत्र का गांव है। अधिकांश किसानों की आम बाग हैं। चकबंदी में गांव शामिल होने से किसान परेशान थे। लगातार शासन प्रशासन को मांग पत्र भेजकर चकबंदी से गांव को मुक्त करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने गांव को चकबंदी से बाहर करने का आदेश जारी किसानों का दर्द कम किया है। - शाहनवाज उर्फ पप्पू, सलीद
